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120 वर्ष पुराने दुर्ग जिले को मिलेगी आधुनिक पहचान : मुख्यमंत्री साय ने दी नए कंपोजिट जिला मुख्यालय भवन की सौगात Featured

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स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल रंग लाई, एक ही परिसर में संचालित होंगे कलेक्टर, एसपी सहित प्रमुख विभागों के कार्यालय

दुर्ग। प्रदेश के 120 वर्ष पुराने ऐतिहासिक दुर्ग जिले को शीघ्र ही एक नई प्रशासनिक पहचान मिलने जा रही है। सुशासन तिहार के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिला मुख्यालय में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कंपोजिट जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा कर जिलेवासियों को एक महत्वपूर्ण सौगात प्रदान की है।

इस महत्वपूर्ण घोषणा के पीछे प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की सक्रिय पहल रही। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष दुर्ग जिले में एकीकृत जिला मुख्यालय भवन की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान करते हुए इसकी घोषणा की।

प्रस्तावित कंपोजिट भवन में कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित जिला प्रशासन के विभिन्न प्रमुख विभागों के कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे। वर्तमान में जिले के कई विभाग अलग-अलग स्थानों पर संचालित होने के कारण आम नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नए कंपोजिट भवन के निर्माण से नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे समय, श्रम एवं संसाधनों की बचत होगी।

दुर्ग जिला प्रदेश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण जिलों में शामिल है। लगभग 120 वर्षों के गौरवशाली इतिहास वाले इस जिले को आधुनिक प्रशासनिक ढांचे से जोड़ने की दिशा में यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा। नया कंपोजिट जिला मुख्यालय न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुगम बनाएगा, बल्कि जिले की विकास यात्रा में भी एक नए अध्याय का सूत्रपात करेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस घोषणा को जिले के लिए एक ऐतिहासिक एवं यादगार उपलब्धि माना जा रहा है, वहीं मंत्री श्री गजेंद्र यादव की पहल को जनसुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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