रेरा का कड़ा संदेश – फ्लैट बेचकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे प्रमोटर, 15 दिन में देना होगा जवाब
रायपुर,।
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने राज्यभर के रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 989 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं से जुड़े 595 प्रमोटरों (बिल्डरों) को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उन मामलों में की गई है जहां परियोजनाएं पूरी होने और पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate) प्राप्त होने के बावजूद कॉमन एरिया, सुविधाओं एवं संबंधित दस्तावेजों का हस्तांतरण आवंटित हितग्राहियों की सोसायटी या एसोसिएशन को नहीं किया गया।
रियल एस्टेट सेक्टर में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम
CGRERA द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेरा अधिनियम-2016 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आवंटितों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यापक समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि बड़ी संख्या में ऐसी परियोजनाएं हैं जिनमें प्रमोटरों ने कानूनी दायित्वों का पालन नहीं किया है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि परियोजना पूर्ण होने के बाद आवंटितों की सोसायटी/एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित करना तथा परियोजना के सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं एवं अभिलेखों का विधिवत हस्तांतरण करना प्रमोटर की वैधानिक जिम्मेदारी है।
15 दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
CGRERA ने नोटिस प्राप्त करने वाले सभी प्रमोटरों को निर्देशित किया है कि वे 15 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करें कि उन्होंने रेरा अधिनियम के प्रावधानों का पालन क्यों नहीं किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
केवल बिल्डर ही नहीं, खरीदारों की भी जिम्मेदारी
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेरा कानून केवल प्रमोटरों पर ही दायित्व नहीं डालता, बल्कि आवंटितों के लिए भी कुछ कानूनी जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार प्रत्येक आवंटी का कर्तव्य है कि वह एसोसिएशन, सोसायटी या सहकारी समिति के गठन में सक्रिय सहभागिता निभाए।
हितग्राहियों से जागरूक रहने की अपील
CGRERA ने सभी आवंटितों से अपील की है कि वे अपने वैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें तथा सोसायटी गठन एवं परियोजना प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। इससे आवासीय परियोजनाओं के बेहतर संचालन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
रियल एस्टेट जगत में मचेगी हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि 595 प्रमोटरों को एक साथ नोटिस जारी किया जाना छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट इतिहास की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक है। इससे न केवल बिल्डरों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि फ्लैट एवं प्लॉट खरीदारों के अधिकारों को भी मजबूती मिलेगी।