मछली पकड़ने गए दो युवकों का दावा—पहले गांजा पीने को कहा, मना किया तो लौटकर कनपटी पर बंदूक टिकाई और चाकू से किया हमला; नकदी, मोबाइल और बाइक की चाबी ले जाने का भी आरोप
दुर्ग। अंजोरा चौकी क्षेत्र में रात करीब 3 बजे महमरा तालाब के पास दो युवकों के साथ हुई कथित चाकूबाजी और लूट की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को लेकर पीड़ित युवकों और पुलिस की ओर से सामने आया घटनाक्रम अलग-अलग है। यही अंतर अब पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है।
पीड़ितों के अनुसार कमल निषाद (28) और लोकेश निषाद (23) महमरा तालाब के पास मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान बाइक सवार दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे और उनसे चिलम में गांजा पीने की बात कही। दोनों युवकों द्वारा इनकार किए जाने के बाद वे वहां से चले गए। आरोप है कि कुछ देर बाद दोनों युवक दोबारा लौटे और बंदूक दिखाकर दोनों की कनपटी पर दबाव बनाया तथा चाकू से हमला कर दिया।
हमले में कमल निषाद के कूल्हे और लोकेश निषाद की जांघ में गंभीर चोट आने की बात पीड़ितों ने बताई है। दोनों का कहना है कि किसी तरह अपनी जान बचाकर वे घटनास्थल से भागे और अंजोरा चौकी पहुंचे, जहां से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सिर्फ चाकू नहीं, नकदी-मोबाइल और बाइक की चाबी ले जाने का भी आरोप
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि हमलावर उनके पास मौजूद करीब 1,000 से 1,200 रुपये नकद, मोबाइल फोन और बाइक की चाबी भी ले गए। घटना के बाद से दोनों अज्ञात युवकों की पहचान और तलाश पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
अब सवाल—बंदूक थी या सिर्फ उंगली की नोक?
मामले में सबसे दिलचस्प और गंभीर सवाल पुलिस के घटनाक्रम के कथन को लेकर सामने आया है। पीड़ित युवकों का दावा है कि उनकी कनपटी पर बंदूक टिकाकर चाकूबाजी की गई। वहीं अंजोरा चौकी प्रभारी से जानकारी लेने पर कथित तौर पर यह बात सामने आई कि युवकों को उंगली की नोक पर चाकू मारा गया।
यानी सवाल सिर्फ इतना नहीं कि घटनास्थल पर बंदूक थी या उंगली। असली सवाल यह है कि यदि दो युवकों पर रात के अंधेरे में चाकू से हमला हुआ, तो आखिर इतनी आसानी से अपराधियों का हौसला कैसे बढ़ रहा है?
छोटी बात पर चाकू, क्या अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो रहा?
गांजा पीने से इनकार जैसी मामूली बात के बाद कथित तौर पर चाकू से हमला और फिर नकदी-मोबाइल लेकर फरार होने की बात सामने आना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है। ग्रामीण क्षेत्र हो या हाईवे से लगे इलाके—कहीं चाकूबाजी तो कहीं बलवा जैसी घटनाओं की चर्चा अब आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा रही है।
घटना के बाद पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। रात के करीब 3 बजे सुनसान इलाके में दो युवकों के साथ कथित हमला होता है और आरोपी वारदात के बाद फरार हो जाते हैं—ऐसे में पेट्रोलिंग की मौजूदगी और उसकी प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कहानी का असली सच जांच से सामने आएगा
फिलहाल बंदूक के इस्तेमाल, चाकूबाजी, कथित लूट और आरोपियों की पहचान से जुड़े तमाम पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ दिया है—मामला उंगली की नोक का था या बंदूक की नोक का, यह जांच बताएगी; मगर चाकू की नोक पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर पुलिस की नोक कब कसेगी?