छत्तीसगढ़ की लोककला को रक्षित करने का प्रयास नहीं भा रहा छत्तीसगढिय़ा पूर्व महापौर को
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग में आज होने वाले लोककला मार्ग के उद्घाटन पर भाजपा के पूर्व महापौर और पूर्व पीडब्ल्यूडी प्रभारी के कटाक्ष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दुर्ग निगम के महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि दुर्ग निगम की पूर्व महापौर एवं पूर्व पीडब्ल्यूडी प्रभारी को छत्तीसगढ़ की संस्कृति को संजोय रखने एवं मार्ग में छत्तीसगढ़ के संस्कृति की छाप को प्रदर्शित करना शायद पसंद नहीं आ रहा है और यही कारण है कि विधायक के सोंच को सार्थक करता छत्तीसगढिय़ा मुख्यमंत्री के विचार को जमीनी स्तर पर पहुँचाने के निगम की कांग्रेस सरकार के कार्य को पूर्व महापौर औचित्यहीन बता रही है जबकि उनके ही कार्यकाल में इस मार्ग के संधारण की कोई कोशिश नहीं की गयी . 15 सालो पूर्व हुए निर्माण की खस्ता हाल व एस.पी. बंगले से राजेन्द्र पार्क चौक के बीच में नव निर्मित छत्तीसगढ़ी लोक कला की झांकी को पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर इसे सिर्फ संधारण का नाम दे रहे है जबकि यह निर्माण नया है एवं जर्जर फुटपाथ जो पूर्व के भाजपा कार्यकाल की असफलता का प्रतिक है को नया रूप दिया जा रहा है उस पर सिर्फ राजनीती वश विरोध करना आम जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ है . कांग्रेस की निगम सरकार दुर्ग निगम क्षेत्र को नया रूप देने सतत प्रयासरत है जहा एक ओर कोरोना आपदा से जंग जारी है वही विकास की दिशा में भी निरंतर कार्य प्रगति पर है जिसे जनता तो मान रही किन्तु पूर्व महापौर अभी भी जनता को गुमराह कर रही है जिस तरह अपने 5 साल के कार्यकाल में दुर्ग निगम क्षेत्र की जनता को गुमराह किया . पूर्व महापौर के कार्यकाल में शहर के मध्य स्थित राजेन्द्र पार्क , दादा दादी पार्क , चौपाटी और गौरव पथ संधारण की बाट देखता रहा किन्तु पूर्व महापौर ने कभी सुध नहीं ली अपितु नए नए असफल प्रयोग से सिर्फ जनता को गुमराह किया जाता रहा वही जब से दुर्ग निगम में कांग्रेस की सरकार ने सत्ता संभाला तब से कोरोना आपदा से जंग लड़ते हुए विकास के कार्य को भी गति प्रदान की है इसी कड़ी में नव निर्माण सहित जर्जर निर्माण का पुनर्संधारण किया जा रहा है . निगम की वर्तमान सरकार इसके बाद करोडो खर्च कर बने चौपाटी जो सालो से खस्ता हाल में है उस पर भी कार्य करने व अन्य स्थानों पर ऐसे जगह जहां का निर्माण पूर्व के शासनकाल में निम्न स्तर का हुआ है उसे सुधारने का कार्य निगम की सरकार करती रहेगी .
भाजपा के शासन में दुर्ग में कितने निर्माण कार्य कागजो पर हुए है और कितने जमीनी स्तर पर वो शहर की जनता ने देख ही लिया . भाजपा की पूर्ववर्ती निगम की सरकार ने अपने मुखिया के शौचालय तक के सापने को पूरा नहीं किया जिसका जीवंत उधाहरण दादा दाई पार्क , राजेन्द्र पार्क , चौपाटी आदि जैसे कई सार्वजनिक स्थान है जिस पर भी कांग्रेस की स्थानीय सरकार कार्य कर रही है किन्तु शहर की बदहाल व्यवस्था को सुचारू बनते हुए नहीं देख पा रही है पूर्व की निगम सरकार और उनके मंत्रीगण तभी बिना जानकारी के ही 56- 60 लाख के कार्य की जानकारी नहीं है सिर्फ हवा हवाई बात कर आम जनता को गुमराह कर रहे है किन्तु अब दुर्ग की जनता ये समझ चुकी है कि पूर्व की निगम की सरकार ने सिर्फ सत्ता सुख ही लिया आम जनता के सुविधाओ से परहेज किया . अब चूँकि वर्तमान की सरकार विकास की दिशा में प्रदेश के मुखिया के मागदर्शन और दुर्ग विधायक के निर्देश पर लगातार विकास के कार्य कर रही है तब केवल हताशा भरा ब्यान देकर जनता को गुमराह करने की असफल कोशिश कर रही है .