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क्या फ़ोटो की राजनीति और बयानों की भरमार से होगा हमर दुर्ग का निर्माण पूछ रही विधायक वोरा से जनता कब होगा सुंदर दुर्ग का निर्माण Featured

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दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग नगर पालिक निगम और विधानसभा क्षेत्र लगभग बराबर ही है इस नाते दुर्ग में विकास कार्यो के श्रेय लेने की होड़ हमेशा से विधायक , महापौर , सांसद और राज्यसभा सांसद के बीच लगी रहती है । पूर्व में दुर्ग निगम में राज्यसभा सांसद डॉ सरोज पाण्डेय , राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा लोकसभा सांसद ताम्रध्वज साहू , विधायक अरुण वोरा और महापौर चंद्रिका चंद्राकर सभी का योगदान दुर्ग के विकास के लिए नव निर्माण के लिए अपनी अपनी निधि से राशि मुहैय्या कराई जाती रही किन्तु पिछले विधानसभा व लोकसभा चुनाव एवम निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद स्थिति बदल गई जहां पूर्व लोकसभा सांसद वर्तमान में प्रदेश के गृह मंत्री है वही भाजपा के 20 सालो के सत्ता पर विजय प्राप्त करते हुए कांग्रेस के महापौर आसीन है तो राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद मोतीलाल वोरा की सांसद निधि की राशि भी अब दुर्ग में नही आ रही अब सिर्फ विधायक निधि की राशि ही दुर्ग निगम क्षेत्र में विकास के लिए खर्च हो रही ।
पूर्व में जहां करोड़ो की राशि आने के बाद भी दुर्ग निगम विकास से काफी दूर रहा वही अब मात्र डेढ़ करोड़ की विधायक निधि का ही कमाल है कि दुर्ग विकास की नई नई ऊंचाइयों को छू रहा है जगह जगह विधायक महोदय के फोटो लग रहे है जगह जगह ये दर्शाया जा रहा कि फंला कार्य की अनुशंसा विधायक वोरा के द्वारा की गई फलां कार्य का निर्देश विधायक ने दिया है । किंतु दुर्ग के विकास की ये गाथा सिर्फ पोस्टर पर और बयानों पर ही नज़र आ रही जमीनी स्तर पर आज भी दुर्ग काफी पिछड़ा हुआ है जो निर्माण हुए है वो बदहाल है जनता के टैक्स के लाखों करोड़ों रुपये सिर्फ बर्बाद हो रहे । ऐसा नही है कि इसकी जिम्मेदार पूर्व की निगम की सरकार ( भाजपा) ही है वर्तमान की निगम की सरकार ( कांग्रेस) भी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही । जब तक भाजपा की सरकार थी महापौर के रूप में डॉ शिव तमेर व चंद्रिका चंद्राकर को रबर स्टाम्प महापौर कहने वाले दुर्ग विधायक वोरा अब स्वयं उसी राह पर तेजी से चल रहे है निगम के हर कार्य पर निर्देश एवम श्रेय लेने का कार्य बदस्तूर जारी है । खैर जनता को इससे मतलब नही की कौन श्रेय ले कौन नही जानता कि सिर्फ एक ही आशा है सुव्यवस्थित बाजार , साफ सुथरा माहौल , सुशासन और उपलब्ध सुविधाओ की समुचित देखभाल किन्तु प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी दुर्ग निगम विकास के मामले में अभी भी पिछड़ा है वही भेदभाव की कार्यवाही सर्वोच्च स्तर पर है ।

स्तरहीन प्रतिक्षालय की भरमार जनता के लाखों रुपये बर्बाद
दुर्ग निगम में फ़ोटो लगाने की जैसे होड़ लग गई और उसका सबसे बड़ा उदाहरण शहर में बन रहे यात्री प्रतीक्षालय है जिसमे से अधिकतर यात्री प्रतीक्षालय किसी काम के नही किन्तु विधायक निधि से बने इन प्रतीक्षालय पर बड़े बड़े फ़ोटो ये संदेश दे रहे है कि इन स्तरहीन प्रतीक्षालयों में जनता के पैसों की कैसी बंदरबाट हुई क्योकि विधायक निधि का पैसा विधायक का निजी नही जानता का पैसा है जो विकास के कार्य के लिए है किंतु शहर को प्रतीक्षालय से ज्यादा आवश्यकता , सुव्यवस्थित बाजार की है , स्वास्थ्य की है , शिक्षा की है , रोजगार की है किंतु इस तरफ आखिर विधायक दुर्ग का ध्यान क्यो नही जाता ये समझ से परे है ..

लोककला मार्ग विधायक वोरा के सौजन्य से कैसे ..
2 दिसम्बर को साई द्वार चौक से राजेन्द्र पार्क चौक तक लगभग 60 लाख की लागत से सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री बघेल द्वारा किया गया जिसमें मात्र 18 लाख विधायक निधि से खर्च हुए किन्तु जगह जगह ऐसा प्रचार किया जा रहा जैसे पूरे मार्ग का सौंदर्यीकरण का श्रेय विधायक द्वारा हुआ हो जबकि इस मार्ग के लिये अधिकतर कार्य निगम द्वारा किया गया और कार्य का श्रेय प्रोटोकाल के तहत निगम महापौर को जाना चाहिए किन्तु यहां भी कार्य छोटे और दर्शन बड़े का खेल चलने लगा ।

अब क्यो नही हो रही अवैध तरीके से लगाये पोस्टर पर कार्यवाही क्या अब शहर को सुंदर बनाने की मुहिम बन्द हो गई ..
कुछ दिनों पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जन्मदिन था तो दुर्ग के कांग्रेसियों द्वारा प्रदेश के मुखिया को जन्मदिन की बधाई देने के लिए जगह जगह पोस्टर लगाए गए जिसे दुर्ग निगम प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के जन्मदिन के दूसरे दिन 24 अगस्त को ही उतार लिए गए किन्तु वही अब 22 नवम्बर को विधायक वोरा के जन्मदिन पर एक बार फिर दुर्ग के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई संदेश के पोस्टरों से पूरे शहर को पाट दिया गया । विधायक वोरा के राजनीति में आने के बाद शायद ये उनका पहला जन्मदिन था जिसमे पोस्टरों की भरमार हो गई जहाँ जगह मिल वहाँ पोस्टर लग गए नियमो को ताक में रख दिया गया । इतने पोस्टर लगने के बाद ये चर्चा का भी विषय रहा कि महापौर बाकलीवाल की इसमे अहम भूमिका रही कारण जो भी हो किन्तु आज 2 हफ्ते बाद भी शहर में पोस्टरों की भरमार है और अब निगम प्रशासन मौन है ये वही निगम प्रशासन है जो दो माह पहले प्रदेश के मुखिया जो कांग्रेस सरकार के है के जन्मदिन के पोस्टर को सिर्फ इसलिए हटा दिए क्योकि शहर की सुंदरता बिगड़ रही थी तो क्या अब शहर की सुंदरता बढ़ रही है या निगम के प्रशासनिक अधिकारी भी प्रदेश के मुखिया को नकार रहे क्या ऐसे ही दुर्ग का निर्माण होगा ..

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शौर्यपथ