दुर्ग / शौर्यपथ / समाज में हो रहे बारीक से बारीक खामियों पर पैनी नजर रखने वाले मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी समाज के अनछुए पहलुओ पर भी अपनी बात रखने के लिए जाने जाते है आज वरुण जोशी द्वारा एक ऐसे उत्सव की घोषणा की गयी और ऐसी बात की जानकारी आम जनता को पहुंचाई वो शायद दुर्ग के निवासियों में से कई लोगो को पता भी नहीं होगा . दुर्ग की जवान देनी नदी शिवनाथ नदी वर्षो से लीज पर चल रही थी मतलब की वो नदी जो आम जनता के लिए जल की देवी के रूप में आस्था का केंद्र है अब लीज मुक्त हुई और इसी की ख़ुशी में एक भव्य आयोजन का आगाज किया है मोदी आर्मी के वरुण जोशी ने .
हमारे दुर्ग की शान शिवनाथ नदी प्रदेश की ही नहीं अपितु शायद देश के पहली नदी होगी जो निजी हाथों में एक करार तहत दो दशक से अधिक समय तक गुलाम रही,22 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इसी वर्ष यह नदी लीज मुक्त हुई है जो कि हर्ष का विषय है और इसी को ध्यान में रखते हुए दुर्ग शहर के युवाओं ने एक जनवरी को नए वर्ष के आगमन पर शिवनाथ महोत्सव मनाने का निर्णय लिया है,यह भव्य आयोजन को विशाल रूप से मनाने की घोषणा मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने की है,वरुण जोशी ने कहा यह हमारे लिए हर्ष का विषय है,क्योंकि निजी हांथो से मुक्त कराने हेतु देश भर में लंबे संघर्षों और आंदोलनों का असर इस पावन नदी पर नहीं हुआ इसका सबसे प्रमुख कारण था अनुबंध का सटीक रूप से मजूबत करार होना,मध्यप्रदेश के कांग्रेस शासनकाल में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में हुए इस करार का दंश बहुत लंबा चला जबकि नए प्रदेश के रूप में हमें छत्तीसगढ़ भी मिल चुका था, बावजूद नेताओं और उद्योगपतियों द्वारा रचे इस षडयंत्र को 26 किलोमीटर तक बसे नदी के आसपास के लोगों को अपनी नदी रूपी मां से दूर ही रहना पड़ा,न पानी सिंचाई के लिए दिया गया,ना ही मछुवारों को और न ही जनजीवन के लिए,किन्तु अब यह पावन नदी लीज मुक्त हो चुकी है और हम उस दौर के संघर्षों में भले ही शामिल न हो पाएं हो मगर अब इसकी खुशियां मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे,वरुण जोशी ने कहा 2020 सभी के लिए बुरा दौर था किन्तु नए वर्ष की शुरुवात हम शिवनाथ नदी पर विशाल महोत्सव का आयोजन कर भविष्य में सभी का जीवन सुखमय व्यतीत हो इसी मंशा के साथ पावन पवित्र नदी मैय्या से कामना करते हुए नए वर्ष की शुरुवात करेंगे,इस कड़ी में महामरा तट पर 21000 दीप दान किया जाएंगे,21 महादीपों द्वारा संध्या महाआरती की जाएगी,तट को मेले का स्वरूप देकर सजाया जाएगा,जहां डीजे ढोल और नगाड़ों से नववर्ष के प्रथम दिवस जश्न मनाया जायेगा,साथ ही बहनों के लिए रंगोली सहित श्रेष्ठ आरती थाली की प्रतियोगिता रखी जाएगी,छत्तीसगढ़ के प्रमुख जशगीत कलाकारों को भी आमंत्रित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है,वरुण जोशी ने कहा सभी शहर वासियों तथा नदी के निकट बसे ग्रामीणों को इस दिन महोत्सव को विशाल बनाने हेतु आमन्त्रित किया जाएगा!