दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिला आरटीओ कार्यालय को पिछले दिनों काफी विवाद का सामना करना पडा विवाद का कारण रहा उडनदस्ता की टीम द्वारा धमधा टोल नाका पर अवैध वसूली का . मामला अवैध वसूली का था या शासकीय कार्य के दौरान जुर्माना वसूलने का ये जाँच का विषय है किन्तु मामले को गर्म होता देख दुर्ग आरटीओ अधिकारी द्वारा उडनदस्ता की टीम के सदस्य को इस कार्यवाही के दौरान निलंबन का सामना करना पड़ा निलंबन की कार्यवाही दुर्ग आरटीओ अधिकारी द्वारा की गयी . कार्यवाही होने से ऐसा प्रतीत होता है कि जिले के प्रभारी मंत्री की मंशा के अनुरूप सुशासन के पक्ष में दुर्ग आरटीओ कार्यालय भी अग्रसर है किन्तु सर यही कार्यवाही से कार्यालय के मुखिया की कार्यवाही को सुशासन की नजर से देखना गलत होगा .
दुर्ग आरटीओ कार्यालय के अंतर्गत वर्तमान में ऐसे कई वाहन शोरुम है जो अवैधानिक तरीके से संचालित हो रहे है किन्तु क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दुर्ग द्वारा ऐसे शो रम पर किसी भी तरह की कार्यवाही का ना करना अधिकारी के कार्य पद्दति पर संदेह पैदा करता है है . ऐसा भी नहीं है कि इस अवैधानिक कार्य की अवैधानिक रूप से संचालित शोरुम की जानकारी अधिकारी को नहीं है किन्तु अवैधानिक तरीके से संचालित शोरुम पर किसी तरह की कार्यवाही ना करके एक तरह से ऐसे अवैधानिक शो रम संचालको के साथ खड़े दिखाई दे रहे है कार्यालय के अधिकारी .
सुराना मोटर्स ई रिक्शा की आड़ में दुपहिया वाहन का शोरुम
किसी भी वाहन के शोरुम खोलने के लिए जितनी आवश्यकता वाहन निर्माता कंपनी के अनुमति की होती है उतनी ही आवश्यकता जिले के परिवहन विभाग कार्यालय की भी होती है किन्तु दुर्ग ग्रीन चौक में संचालित सुराना मोटर्स के पास ना तो नए दोपहिया वाहन बेचने की अनुमति है और ना ही उसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से कोई ट्रेड लाइसेंस प्राप्त हुआ है बावजूद इसके सुराना मोटर्स में भिन्न भिन्न कंपनियों के नए दुपहिया वाहन विक्रय के लिए खड़े मिलेंगे . सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसे कई अवैध वाहन विक्रेताओ की शिकायत भी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में की गयी है और शिकायतकर्ता द्वारा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के संज्ञान में भी लाया गया है किन्तु दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा आज पर्यंत तक ऐसे अवैध रूप से संचालित वाहन विक्रेताओ पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गयी है .
जितना दोष सुराना मोटर्स का नए वाहन विक्रय करने का है उतना ही दोष उन वाहन विक्रेताओ का भी है जो वाहन निर्माता कंपनी से अधिकृत विक्रेता तो बन गए है किन्तु वाहन निर्माता कंपनी के नियमो की भी अनदेखी कर वाहन को अनधिकृत विक्रेताओ के माध्यम से विक्रय करवा रहे है .
क्या है नियम ..
अधिकृत वाहन विक्रेता को वाहन निर्माता कंपनी को ये जानकारी देनी होती है कि उसके पास नए वाहन किन किन स्थानों में रखे गए है क्योकि शासन के नियमानुसार नए वाहन जब तक शासन से पंजीकृत ना हो तब तक अधिकृत वाहन विक्रेता के अधिकार में ही रहेंगे और इसकी जानकारी वाहन निर्माता कंपनी सहित जिले के परिवहन कार्यालय में भी उपलब्ध रहेगे किन्तु इन सब नियमो को पैर की धुल समझाते हुए कोई ना कोई वाहन विक्रेता है जो अपंजीकृत वाहन को सुराना मोटर्स में विक्रय के लिए दे रखा है . अगर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मामले की गंभीरता से जाँच करे तो सिर्फ सुराना मोटर्स ही नहीं अपितु ऐसे अधिकृत वाहन विक्रेता भी जद में आयेंगे जिनके नए अपंजीकृत वाहन सुराना मोटर्स में विक्रय के लिए खड़े है .
प्रभारी मंत्री बताएँगे दो साल की सरकार की उपलब्धि क्या दुर्ग आरटीओ की इस उपलब्धि की जानकारी देंगे जिलाधीश ...
आज जिले के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर कलेक्ट्रेट में सरकार की दो साल की उपलब्धि पर चर्चा करेंगे किन्तु क्या खुद के विभाग में प्रभार के जिले में हो रहे इस तरह के अवैधानिक कार्य पर भी संज्ञान लेंगे या सिर्फ उपलब्धि गिना कर चले जायेंगे और एक बार फिर वातानुकूलित कार्यालय में बैठकर सरकार के कार्यो की बड़ाई करेंगे जबकि जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरीत है .क्या प्रभारी मंत्री को मामले की सम्पूर्ण जानकारी लेकर संज्ञान में लायेंगे जिलाधीश ...