Print this page

किसी के दर्दनाक मौत का इंतजार कर रही दुर्ग नगर निगम, विधायक वोरा क्यो है मौन ? Featured

  • devendra yadav birth day

दुर्ग / शौर्यपथ / आज हम बात करते है दुर्ग के नगर निगम के अंदर बसा हुआ राजेन्द्र पार्क की जो कि विगत कई सालों से दुर्ग शहर की सौंदर्य को बढ़ाया हुआ है यह राजेन्द्र पार्क जो कि चौराहे में स्थिर है आने जाने वालों की नज़र सिर्फ इसी पार्क में रहती है आज इसी पार्क में घटना का कालचक्र बना हुआ है हादसा किसी भी समय आ सकता है कब किसकी मौत हो जाए किसी को पता नही है । कोई भी हादसा होता है तो इसके लिए दुर्ग निगम का प्रबंधन ही जिम्मेदार रहेगा क्योंकि लापरवाही भी निगम प्रशासन की है एक तरफ तो निगम अतिक्रमण की कार्यवाही कर रही वही राजेंद्र पार्क चौक के पास सड़को तक ठेला गुमठी पर मौन है जिसके कारण सड़को तक जाम की स्थिति रहती है वही मुख्य मार्ग होने से पार्क में आने वाले बच्चो की जान को हमेशा खतरा रहता है ।
निगम प्रशासन सिर्फ चंद रुपयों का जुर्माना लगा कर अपना राजस्व बढ़ा रही है किंतु वही निगम के इस रवैये से मुख्य मार्ग पर दुर्घटना की संभावना भी बढ़ गई है क्या निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी , महापौर और दुर्ग में हर कार्य का श्रेय लेने वाले विधायक वोरा कभी इस ओर भी ध्यान देंगे ।
शहर के बीचों बीच इस पार्क में पार्किंग की सुविधा नही हो पा रही है जनता अपनी गाड़ी को रोड से लगा कर स्टैंड कर रहे है सड़कों पर लग रही चाट गुपचुप सहित अन्य दुकाने लग रही हैं पार्किंग तथा सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लेकिन नगर निगम बाजार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। न तो बाजार में अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई की जा रही है और न पार्किंग पर रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों को रोका जा रहा है।नगर निगम की लापरवाही के बावजूद ट्रैफिक पुलिस के जाम से निपटने के पुरजोर प्रयास किये लेकिन अब वह भी आधे-अधूरे साबित हो रहे हैं। लोगों के सामने पार्किंग की असुविधा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस भी अब चालानी कार्यवाही से दूर है. क्योंकि लोगों से अधिक नगर निगम प्रबंधन की लापरवाही जाम की समस्या पैदा कर रही है।
राजेंद्र पार्क चौक एक बड़ा यातायात चौक है जहा सिग्नल होते ही इस रोड पर जैसे बड़े हैवी वाहन भी आवागमन करते है चार पहिया वाहन दुपहिया वाहन तेज गति से चलते है दूसरी ओर सड़क के नजदीक लगने वाली रेहड़ियो के कारण सड़क पर कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। नगर निगम के बाजार विभाग के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस भी इनपर कार्रवाई नहीं कर पाती है। हैवी वाहन भी आवागमन कर रहे हैं, जिसे सड़कों पर बार-बार जाम लगने की स्थिति रहती है।
लगता है कि निगम प्रशाशन इन दुकानदारों से मिली हुई है जनता की समस्या का कोई निराकरण नही हो पा रहा है जनता से बढ़ पैसे वसूलने के कार्य बस कर रही है ।
बड़ा सवाल ...
क्या नगर निगम किसी के मौत का इंतजार कर रही है ?
क्या निगमायुक्त इसकी जानकारी से बेखबर है ?
क्या निगमायुक्त इन दुकानदारों के ऊपर कोई कार्यवाही करवाएगी ?

Rate this item
(1 Vote)
शौर्यपथ