दुर्ग / शौर्यपथ / किसी भी शासकीय विभाग में जनसंपर्क विभाग का अहम् किरदार होता है शासन के कार्यो को जनता तक पहुँचाने के लिए विभाग मिडिया के सहारे आम जनता तक विभाग के कार्यो को प्रचारित और प्रसारित करता है . जनसंपर्क विभाग का कार्य मिडिया के लिए निष्पक्ष कार्य करने के लिए जाना जाता है शायद यही कारण है कि प्रदेश का जनसंपर्क विभाग मुख्यमंत्री के हांथो में है . किन्तु इन दिनों दुर्ग निगम का जनसंपर्क विभाग निगम के कार्यो को उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने के लिए भी अपने पक्ष के अपने ख़ास मिडिया का चुनाव करने में लगा हुआ है .
दुर्ग निगम में सालो से जनसंपर्क विभाग का कार्य अनिल मनहरे के हाथो में है . कहने को वर्तमान में जनसंपर्क अधिकारी के रूप में गिरीश दीवान पदस्त है किन्तु मिडिया में किस बात की सुचना किस मिडिया को देनी है किस मिडिया को नहीं देनी ये तय करने का कार्य दुर्ग निगम के अनिल मनहरे द्वारा किया जा रहा है . पिछले कुछ समय से निगा के क्रिया कलापों की जानकारी अनिल मनहरे द्वारा चिन्हांकित मिडिया को देने का मामला आया है जबकि जनसंपर्क विभाग को निष्पक्ष होकर सभी जानकारी विभाग में पंजीकृत सभी मीडिया को देना होता है किन्तु अनिल मनहरे द्वारा चिन्हांकित मिडिया को देकर शायद आने वाले समय में किसी पार्टी से चुनाव लड़ने या फिर किसी अधिकारी को खुश करने की सोंच रही होगी कारण जो भी किन्तु जनसंपर्क विभाग द्वारा मिडिया को सुचना प्रसारित करने में भेदभाव का ये मामला वर्तमान कांग्रेस सरकार में हो रहा है जिससे कांग्रेस की श्री सरकार पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है . जनसंपर्क विभाग के इस तरह के भेदभाव की निति से आयुक्त बर्मन के कार्यो पर भी प्रश्चिन्ह लग रहा है क्या आयुक्त द्वारा ये निर्देश दिया जा रहा है या फिर अनिल मनहरे की लापरवाही का नतीजा है . क्या आयुक्त बर्मन मामले की जाँच कर निष्पक्ष कार्यवाही करेंगे या सिर्फ कार्यवाही के नाम पर लीपापोती की जायेगी.