दुर्ग / शौर्यपथ / सुलभ शौचालय के संचालको को आज निगम आयुक्त ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश तो दे दिए किन्तु क्या ऐसे सुलभ शौचालय जिनका सञ्चालन दुर्ग निगम की कांग्रेस सरकार के एल्डरमैन ही चला रहे है वह पर निगम आयुक्त या उनकी टीम अव्यवस्थाओ पर कार्यवाही कर पाएगी . ऐसे निर्देश देने का क्या फायदा अगर निगम के पार्षद ही अपने परिवार वालो के नाम से या जनप्रतिनिधि छद्म नाम से सुलभ शौचालय का सञ्चालन कर रहे हो जहा निगम के फिल्ड के अधिकारी अव्यवस्था पर कार्यवाही की बात तो दूर जाँच भी निष्पक्ष करते हो उन पर क्या कार्यवाही संभव है . निगम में कांग्रेस की सत्ता आने के बाद सुलभ शौचालय पर भी सत्ता धारियों की निगाह टिकी और छोटी छोटी खामियों के कारण कई स्व सहायता समूहों के हाथ से कार्य ले लिया गया और जन प्रतिनिधियो के करीबियों को यहाँ तक पार्षद को भी परिवार के नाम से शौचालय आबंटित हो गया ऐसा नहीं है कि इसकी संख्या एक या दो है . प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमती सुमन पाण्डेय के नाम से ५ शौचालय है श्रीमती सुमन पाण्डेय शायद ही कभी इन शौचालयों का निरिक्षण करने जाती होंगी क्या ऐसे ही नगर निगम और प्रदेश की सरकार महिलाओ के उत्थान की बात कर रही है जहा निगम के एल्डरमैन के परिवार का ही उत्थान हो रहा है . कुछ समय पूर्व शौचालय के मामले में स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा नियम से चलने व सख्त कार्यवाही की दिशा में कदम उठाया गया था जिसका परिणाम यह रहा कि स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता सत्ता पक्ष की निगाह में आ गया और एक समय तो ऐसा भी आया की सारा सत्ता पक्ष दुर्गेश गुप्ता पर कार्यवाही के लिए आयुक्त पर दबाव बनाने लगे . क्या शहर के महापौर सिर्फ अपने करीबियों के लिए ही चिंतित है शहर के अन्य नागरिको और संस्थाओ पर उनकी जिम्मेदारी नहीं क्या शहर के महापौर धीरज बाकलीवाल ऐसे ही शहर को एक अच्छी सरकार देने की बात करते है जहा उके अपने ही कई कांग्रेसी पार्षद उनके विचारो का विरोध कर रहे है . क्या धीरज बाकलीवाल शहर के प्रथम नागरिक होने के बावजूद सिर्फ चाँद लोगो के भरोसे ही कार्य करते रहेंगे क्या उनकी अपनी कोई सोंच शहर को सुव्यवस्थित करने की नहीं है . आज नए आये निगम आयुक्त ने मीटिंग लेकर शौचालयों की साफ सफाई और व्यवस्था पर सुधर की बात कह कर अधिकारियों को निर्देशित तो कर दिया किन्तु क्या जमीनी हकीकत में इस निर्देश को अमल में लाया जा सकता है .क्या ऐसे ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 को प्रभावशाली बनाया जाएगा .
निगम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सुलभ शौचालयों, सामुदायिक शौचालयों को संचालित करने वाले महिला स्व सहायता समूहों एवं एनजीओ के संचालकों की बैठक लेकर आयुक्त हरेश मंडावी ने सभी संचालकों को निर्देशित कर कहा बहुत ही विश्वास और अपेक्षा के साथ आप सभी को दुर्ग शहर का यह महत्वपूर्ण कार्य दिया गया है। और आप सभी को पता है कि शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 प्रभावशील है इसलिए आप लोगों की जो भी समस्याएॅ हैं उसे अधिकारी के पास दर्ज करायें तथा शौचालयों को स्वच्छ और दुरुस्त रखें ।
महिला स्वसहायता समूहों को दिये निर्देश
आयुक्त ने 16 सुलभ और 48 शौचालय संचालित करने वाले संचालकों को निर्देशित कर कहा कि सभी संचालक अनुबंध में दिये गये नियम शर्तो के अनुसार व्यवस्था बनाकर रखें। सभी शौचालयों में केयरटेकर रखने के साथ कम से कम 3 बार सफाई करायें । उन्होनें प्रतिदिन अलग-अलग समय में किये जाने वाले काम की फोटो मोबाईल में शेयर अवश्य करें । उन्होनें कहा मेरे द्वारा कभी भी किसी भी समय निरीक्षण किया जा सकता है । शौचालयों में पानी, प्रकाश की व्यवस्था रहे इसका ध्यान रखें । टायलेट सीट और टाईल्स टूटा-फूटा न हो । बैठक में पंचशील गीता महिला स्व सहायता समूह, लक्ष्मी स्व सहायता समूह, स्व0 बिन्देश्वरी देवी बघेल मेमोरियल स्व सहायता समूह, श्री जय अम्बे महिला स्व सहायता समूह, सीमा महिला स्व सहायता समूह, सहित अन्य समूह के संचालकगण उपस्थित थे ।