दुर्ग / शौर्यपथ / ५ साल में एक बार होने वाले चेंबर चुनाव इस बार नए रंग में है इस बार के चेंबर चुनाव में पानी की तरह पैसे बहाए जा रहे है . चेम्बर में नयी सदस्यता पाए युवा वर्ग का झुकाव जय व्यापार की तरफ है तो कई राजनितिक पार्टी से जुड़े व्यापारी भी जय व्यापार के रात दिन संपर्क कर रहे है . सालो से व्यापारी एकता का वर्चस्व रहा है चेंबर में किन्तु इस बार चेम्बर्स के सदस्य भी राजनितिक पार्टियों की तरह बाँट गए है . जैसा की सभी को मालुम है कि व्यापारी एकता पेनल के सर्वेसर्वा श्रीचंद सुन्दरानी है जो भाजपा के सक्रीय कार्यकर्त्ता एवं पूर्व विधायक है चूंकि केंद्र में भाजपा की सरकार है ऐसे में व्यापारियों को श्रीचंद सुन्दरानी से बहुत उम्मीद थी कि उनके लिए उनकी संस्था के लिए राहत भरी कदम उठाने में श्रीचंद सुन्दरानी की महत्तवपूर्ण भूमिका रहेगी किन्तु ऐसा कुछ नहीं हुआ शायद यही कारण रहा है कि जय व्यापार पेनल के प्रत्याशी और उनके समर्थक इस बार अपना पूरा जोर लगा रहे है कि प्रदेश में जय व्यापार की गूंज रहे और इसकी गूंज दिल्ली तक पहुंचे . व्यापारियों को कोरोना आपदा , जीएसटी , अन्य प्रकार के टेक्स आदि में कई तरह की भिन्नताए और उसमे सरकार द्वारा किसी प्रकार की ख़ास रहत का ना मिलना व्यापारी एकता पेनल को और उनके प्रत्याशियों को कमजोर कर रहा है .
दुर्ग जिले की बात करे तो दुर्ग जिले में व्यापारी एकता पेनल शुरू से ही जय व्यापार पेनल से प्रचार के मामले में कमजोर रहा है समर्थको की संख्या भी खुल कर सामने नहीं आ रही जिस तरह जय व्यापार पेनल में समर्थक खुल कर सामने आ रहे है . दुर्ग की स्थिति लगभग जय व्यापर की तरफ ही है सट्टा बाजार भी जय व्यापार पर दाव खेलने में सुरक्षित महसूस कर रहा है . राजनैतिक चुनाव नहीं होने के कारण खर्च की कोई सीमा नजर नहीं आ रही है . एक ओर जहा जय व्यापार पेनल बड़े बड़े होटलों में पार्टी देकर समर्थको को रिझाने की कोशिश कर रहा है वही व्यापारी एकता पेनल सदस्यों को तोहफे बाँट कर ५ साल की नाकामयाबी को छुपाने की और फिर से एक बार मौका देने की बात कर रहा है .
बता दे कि कल १३ मार्च को मतदान है आइसे में आज की रात प्रत्याशी और उनके ख़ास समर्थक सदस्यों को अपने पक्ष में मतदान के लिए और भी बड़ा तोहफा देने की कोशिश करेंगे ऐसे में आज की रात प्रत्याशियों के लिए लम्बी बहुत लम्बी होगी ...