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बुद्ध विहार मे अधिष्ठान व परित्राण का हुआ आयोजन प्रत्येक मानव के लिए ज्ञान का द्वार खोलने वाले बुद्ध ही थे:भंते जीवक

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दुर्ग / शौर्यपथ / दि बुद्धिष्ट सोसायटी ऑफ इंडिया शाखा भिलाई द्वारा आयोजित वर्षावास शुभारंभ समारोह पूज्य भंते डा जीवक के धम्म सानिध्य व अनिल मेश्राम प्रदेश अध्यक्ष दि बुद्धिष्ट सोसायटी ऑफ इंडिया शाखा छत्तीसगढ़ की अध्यक्षता तथा भारती खांडेकर, प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ की विशेष उपस्थिति मे संपन्न हुआ।
समारोह के प्रारंभ मे सर्वप्रथम तथागत भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किये गये। तत्पश्चात भंते जीवक द्वारा उपस्थित बौद्ध उपासक उपासिकाओ को त्रिशरण पंचशील ग्रहण करा परित्राण पाठ संपन्न कराया गया। धम्म देशना देते हुए भंतेजी ने कहा कि हमे पूजा के दौरान अदिन्ना दाना वेरमणि, कामे सुमिक्षा चारा वेरमणि, मूसा वादा वेरमणि, सूरा मेरय मज्ज पमादठाना वेरमणि, सिर्फ बोलने से कुछ नही होगा, सच्चे बुद्धिष्ट बनना है तो हमे प्राणी मात्र की हिंसा से दूर रहना होगा। व्यभिचार से दूर रहना होगा, झूठ बोलने से बचना होगा, कच्ची और पक्की शराब पीने से बचना होगा, सभी पाप कर्मो से दूर रहकर पुण्य कर्मो का संचय करना होगा तब कही हम डा बाबा साहेब आम्बेडकर के स्वप्न साकारी सच्चे बौद्ध बन पायेंगे।
उन्होंने वर्षावास काल मे धम्म का लाभ लेने का आव्हान सभी उपासको से किया। अंत मे महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष भारती खांडेकर, जयश्री बौद्ध प्रदेश महासचिव, सीमा शेंडे, वंदना पानतवने, कल्पना गजभिये, अल्का बौद्ध, संगीता खोब्रागडे, वंदना बौद्ध सहित अनेक महिलाओ द्वारा भंतेजी को फलदान और धम्मदान भेंट किया गया। समारोह मे डा आर एल वाहने, डीएम डोंगरे, उमराव मेश्राम, शिवचरण पानतवने, अशोक नंदागवली, अनिल मेश्राम, सुधेश रामटेके, खरेन्द्र मेश्राम, बृजेश मेश्राम, जलेन्द्र ऊके, अनिल गजभिये, सत्यम गजभिये सहित अनेक उपासक उपासिका, उपस्थित थी।

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शौर्यपथ