आस्था / शौर्यपथ /प्रतिवर्ष श्रावण माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। इस बार बुधवार, 11 अगस्त 2021 को हरियाली तीज मनाई जाएगी। इस दिन सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। हरियाली तीज पर हरगिज न करें ये 5 काम आओ जानते हैं कि वे कौनसे कार्य हैं।
मान्यता है कि हरियाली तीज पर विधिवत पूजा करने के बाद सुहागिनों को भूलकर भी ये 5 कार्य नहीं करना चाहिए वर्ना अगले जन्म में अजगर, नाग, सांप या वन्य जीवों के रूप में जन्म लेना पड़ता है।
1. क्रोध नहीं करना चाहिए : कहते हैं कि क्रोध करने से व्रत फलविहीन हो जाता है। शांत चित्त रहने के लिए इस दिन महिलाओं को हाथों में मेहंदी लगाना चाहिए।
2. सोना नहीं चाहिए : इस दिन शिवजी और माता पार्वती की रातभर समय समय पर पूजा होती है तो महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। मान्यता है कि राज में महिलाएं सो जाती हैं तो अगले जन्म में अजगर बनती हैं।
3. दूध का सेवन ना करें : मान्यता है कि यदि इस दिन महिलाएं दूध पी लेती हैं तो पाप लगता है और अगले जन्म में सर्प के रूप में जन्म लेना पड़ता है।
4. भोजन ना करें : इस दिन यदि व्रत रखा है तो कतई व्रत को ना तोड़ें। यह व्रत निर्जला रहकर किया जाता है। अगर खा-पी लें तो अगले जन्म में वानर रूप में जन्म लेना होता है। हालांकि कोई रोग या तकलीफ हो तो विद्वानों की सलाह पर व्रत को तोड़ा जा सकता है।
5. पति से छल कपट : इस दिन पति से किसी भी प्रकार का छल कपट नहीं करना चाहिए। इसी के साथ लड़ाई झगड़ा करना, झूठ बोलना, गलत व्यवहार करना आदि कार्य भी नहीं करना चाहिए।
इस दिन शिव पार्वती जी के भजन कीर्तन से पति दीर्घायु होता है और पत्नी को मनोवांछित लाभ मिलता है।
हरियाली तीज के शुभ और श्रेष्ठ मुहूर्त, जानिए कैसे मनाएं शुभ पर्व
श्रावण के पवित्र माह में तीज का त्योहार बहुत ही शुभ माना जाता है। प्रतिवर्ष श्रावण माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। इस वर्ष 11 अगस्त 2021 को हरियाली तीज मनाई जाएगी। आइए जानें तीज पूजन के शुभ मुहूर्त और कैसे मनाएं यह पर्व-
हरियाली तीज पूजन के शुभ मुहूर्त-
हरियाली तीज बुधवार, 11 अगस्त 2021
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि मंगलवार, 10 अगस्त को शाम 06.11 मिनट से शुरू होगी और 11 अगस्त 2021, बुधवार को शाम 04.56 मिनट पर समाप्त होगी।
अमृत काल- सुबह 01:52 से 03:26 तक
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:29 से17 तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 14 से 03.07 तक
गोधूलि बेला- शाम 23 से 06.47 तक
निशिता काल- रात 14 से 12 अगस्त सुबह 12:25 तक
रवि योग- 12 अगस्त सुबह 09:32 से 05:30 तक।
हरियाली तीज पर महिलाएं व्रत व पूजा करती हैं। हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह घर के काम और स्नान करने के बाद 16 श्रृंगार करके निर्जला व्रत रखती हैं। इसके बाद मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा होती है। विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। इस खास त्योहार पर हरे वस्त्र, हरी चुनरी, हरा लहरिया, हरा श्रृंगार, मेहंदी, झूला झूलने का भी रिवाज है।
आइए जानें कैसे मनाएं शुभ पर्व-
* तीज के दिन महिलाएं सुबह से रात तक व्रत रखती हैं। इस व्रत में पूजन रात भर किया जाता है।
* इस उपलक्ष्य में बालू के भगवान शंकर व माता पार्वती की मूर्ति बनाकर पूजन किया जाता है।
* एक चौकी पर शुद्ध मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, रिद्धि-सिद्धि सहित गणेश, पार्वती एवं उनकी सहेली की प्रतिमा बनाई जाती है।
* प्रतिमा बनाते समय भगवान का स्मरण करते रहें और पूजा करते रहें।
* हरियाली तीज के दिन चूडियां, महौर, खोल, सिंदूर, बिछुआ, मेहंदी, सुहाग चूड़ा, कुमकुम, कंघी, आदि श्रृंगार की जरूरी सामग्री लेकर पार्वती जी का श्रृंगार करें।
* श्रीफल, कलश, अबीर, चंदन, तेल और घी, कपूर, दही, चीनी, शहद, दूध और पंचामृत आदि से शिव परिवार का पूजन करें।
* पूजन-पाठ के बाद सुहागिन महिलाएं रात भर भजन-कीर्तन करें।
* हर प्रहर को इनकी पूजा करते हुए बिल्व-पत्र, आम के पत्ते, चंपक के पत्ते एवं केवड़ा अर्पण करते रहे और आरती करें।
हरियाली तीज पर राहुकाल का समय, बुधवार- दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक रहेगा। अत: इस समय पूजन करने से बचें।