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सुभाष चंद्र बोस के विचार आज भी लाखों लोगों को प्रेरणा देते हैं. सुभाष चंद्र बोस ने कहा था ''याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है.''
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज जयंती हैं. सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे. सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा में कटक में हुआ था. नेताजी ने देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज का गठन किया था. तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा..! का नारा बुलंद करने वाले सुभाष चंद्र बोस आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं. सुभाष चंद्र बोस 24 साल की उम्र में इंडियन नेशनल कांग्रेस से जुड़ गए थे. राजनीति में कुछ वर्ष सक्रिय रहने के बाद उन्होंने महात्मा गांधी से अलग अपना एक दल बनाया. उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन किया. सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकारी विचारों से प्रभावित होकर कई युवा आजाद हिंद फौज में शामिल हुए और देश की आजादी में अपना योगदान दिया. नेता जी के विचार आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर हम आपको उनके विचारों के बारे में बता रहे हैं.
सुभाष चंद्र बोस के विचार
''तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आज़ादी दूंगा.
''ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं. हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आज़ादी मिले, हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए.''
''एक सैनिक के रूप में आपको हमेशा तीन आदर्शों को संजोना और उन पर जीना होगा: सच्चाई, कर्तव्य और बलिदान. जो सिपाही हमेशा अपने देश के प्रति वफादार रहता है, जो हमेशा अपना जीवन बलिदान करने को तैयार रहता है, वो अजेय है. अगर तुम भी अजेय बनना चाहते हो तो इन तीन आदर्शों को अपने ह्रदय में समाहित कर लो.''
''मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती.''
''जिस व्यक्ति के अंदर 'सनक' नहीं होती वो कभी महान नहीं बन सकता. लेकिन उसके अंदर, इसके आलावा भी कुछ और होना चाहिए.''
''जो अपनी ताकत पर भरोसा करते हैं, वो आगे बढ़ते हैं और उधार की ताकत वाले घायल हो जाते हैं.''