साल में दो बार आने वाले नवरात्रि में से एक माघ माह में आने वाले गुप्त नवरात्रि हैं. इस बार गुप्त नवरात्रि पर दो विशेष योग बन रहे हैं. इस बार माघ माह के गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 2 फरवरी यानि आज से हो रही है. आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि में पड़ने वाले इन दो शुभ योग के बारे में. इसके साथ ही जानेंगे गुप्त नवरात्रि का महत्व.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
साल में चार बार नवरात्रि मनाए जाते हैं. दो बार गुप्त नवरात्रि और एक चैत्र व एक शारदीय नवरात्रि. साल में दो बार आने वाले नवरात्रि में से एक माघ माह में आने वाले गुप्त नवरात्रि हैं. इस बार गुप्त नवरात्रि पर दो विशेष योग बन रहे हैं. इस बार माघ माह के गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 2 फरवरी यानि आज से हो रही है. गुप्त नवरात्रि पर इस बार रवियोग और सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है. कहते हैं कि इस योग में मां दुर्गा की पूजा-उपासना करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है. कहते हैं कि गुप्त नवरात्रि में शक्ति की साधना को गोपनीय रूप से किया जाता है. आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि में पड़ने वाले इन दो शुभ योग के बारे में. इसके साथ ही जानेंगे गुप्त नवरात्रि का महत्व.
गुप्त नवरात्रि महत्व
गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है. चैत्र और शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा का विधि-विधान से पूजन और व्रत किया जाता है. नवरात्रि में जहां देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है वहीं गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं मां काली, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी की साधना-आराधना की जाती है. गुप्त नवरात्रि में मां की पूजा गुप्त तरीके से करने का विधान है. गुप्त नवरात्रि में खास इच्छापूर्ति और सिद्धि प्राप्त करने के लिए पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं.
गुप्त नवरात्रि में शक्ति की साधना को अत्यंत ही गोपनीय रूप से किया जाता है. मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में सिद्धि प्राप्त करने और तंत्र-मंत्र आदि का विशेष महत्व है. कहते हैं कि गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक महाविद्याओं को भी सिद्ध करने के लिए मां दुर्गा की उपासना की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों के जीवन में सभी कष्ट दूर हो जाते हैं.