सेहत /शौर्यपथ/
कुछ ही दिनों में होली का त्योहार दस्तक देने वाला है। ऐसे में होली के दिन हर घर में स्वादिष्ट व्यंजनों से भरी हुई टेबल नजर आने वाली है। आंखों में सामने जब लजीज व्यंजन रखे हुए हो तो किसी भी व्यक्ति को अपने मन पर काबू रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर जब आपकी फेवरेट मिठाई या स्वीट डिश सामने रखी हुई हो, तो मन को कंट्रोल करना किसी के लिए भी थोड़ा मुश्किल होगा। तो अगर आप भी होली पर जमकर मस्ती और मिठाइयां खाने वाले हैं तो उसके बाद बॉडी को डिटॉक्स करना न भूलें। आइए जानते हैं शरीर को डिटॉक्स करने के कुछ नेचुरल तरीके।
क्या होता है बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन-
डिटॉक्सिफिकेशन का मतलब अपने शरीर को अंदर और बाहर से रिलैक्स, क्लीन्ज करने के साथ पोषण देना भी है। इस प्रकिया में शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर स्वस्थ पोषक तत्वों का सेवन करना शामिल होता है।गंदगी सिर्फ हमारे आसपास ही मौजूद नहीं होती है, बल्कि यह हमारे शरीर में भी होती है। इसके कारण ही कई प्रकार की बीमारियां जैसे- तनाव, अनिद्रा, कोल्ड एंड फ्लू, अपच, वजन बढ़ना आदि होने लगती हैं। समय रहते इनका उपचार न किया जाए, तो ये सामान्य बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। शरीर की गंदगी को साफ करने के लिए डिटॉक्सिफिकेशन किया जाता है।
शरीर को डिटॉक्स करने के टिप्स-
गर्म पानी में नींबू का रस-
शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अपने दिन की शुरुआत सबसे पहले एक गिलास गर्म पानी से करें। इस पानी में नींबू का रस भी मिला लें। पानी और नींबू का यह कॉम्बिनेशन शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।
मेडिटेशन-
मेडिटेशन ना सिर्फ मन को शांत करके स्ट्रेस दूर करने का काम करता है बल्कि यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। मेडिटेशन करते समय लंबी और गहरी सांस लेते समय आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है जिससे शरीर के सभी हिस्से सही तरीके से काम करते हैं।
कैफीन नहीं, ग्रीन टी-
चाय या कॉफी जैसे कैफीन ड्रिंक्स, आपके शरीर को फायदा नहीं नुकसान ज्यादा पहुंचा सकते हैं। इनके हानिकारक दुष्प्रभावों से बचने के लिए आप ग्रीन टी पिएं। ग्रीन टी पाचन तंत्र को साफ करने के अलावा शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में भी मदद करती है। जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
फल खाएं-
फलों में मौजूद विटामिन और मिनरल कोशिकाओं के निर्माण के लिए बहुत जरुरी होते हैं। इसके अलावा फलों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से भी बचाते हैं। यही वजह है कि मिठाई खाने के बाद जमकर फल खाने चाहिए
एक्सरसाइज-
शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अपने एक घंटे के वर्कआउट रूटीन में योग या रस्सी कूदने जैसे एक्सरसाइज शामिल करें।एक्सरसाइज का मतलब जिम जाना और भारी वजन उठाना या कार्डियो करना नहीं है। आप स्पीड वाकिंग, साइकिल चलाने या घर पर दस मिनट की बॉडीवेट एक्सरसाइज की तरह कुछ हल्के-फुल्के वर्कआउड कर सकते हैं।
पूरी नींद-
अच्छी सेहत के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है। जब हम सोते हैं तो हमारा दिमाग खुद को रिऑर्गनाइज और रिचार्ज करता है। साथ ही पूरे दिन में जमा हुए टॉक्सिन्स को भी रिमूव करता है। नींद बॉडी डिटॉक्सीफिकेशन के लिए बेहद जरुरी है