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आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन उसका अहंकार है - मुंशी प्रेमचंद

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अन्य खबर /शौर्यपथ/ 

1. विपत्ति से बढ़कर अनुभव देने वाला कोई भी विद्यालय आज तक नहीं हुआ।

2. जीवन का वास्तविक सुख, दूसरों को सुख देने में है; उनका सुख लूटने में नहीं।

3. कार्यकुशलता की व्यक्ति को जीवन में हर जगह जरूरत पड़ती है।

4. खाने और सोने का नाम जीवन नहीं है, जीवन नाम है, आगे बढ़ते रहने की लगन का।

5. दोषों को मिटाने की विलक्षण शक्ति है सफलता।

6. अपनी भूल अपने ही हाथों से सुधर जाए, तो यह उससे कहीं अच्छा है कि कोई दूसरा उसे सुधारे।

7. अतीत चाहे जैसा भी हो, उसकी स्मृतियां प्रायः सुखद ही होती हैं।

8. चोर केवल दंड से नहीं बचना चाहता, वह अपमान से भी बचना चाहता है। वह दंड से उतना नही डरता है, जितना कि अपमान से।

9. आदमी का सबसे बड़ा शत्रु उसका अहंकार है।

10. निराशा संभव को असंभव बना देती है।

11. क्रोध मौन सहन नहीं कर सकता हैं। मौन के आगे क्रोध की शक्ति असफल हो जाती है।

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PANKAJ CHANDRAKAR