राजनांदगांव / शौर्यपथ / कमरछठ यानी हलषष्ठी पर्व पर माताओं ने संतानों की दीर्घायु की कामना लेकर कठिन व्रत रखा। हलषष्ठी पर्व को उत्साहपूर्वक मनाते हुए महिलाओं ने दोपहर बाद पूजा-अर्चना शुरू की।
सामूहिक रूप से शहरभर में अलग-अलग चौराहों और मोहल्लों में महिलाओं ने भगवान शिव और पार्वती की अलौकिक गाथाओं से जुड़ी कथाएं सुनी। माना जाता है कि कमरछठ पर्व भगवान शिव के पूरे परिवार से जुड़ा हुआ है। पूरे परिवार के सदस्यों की कथाओं के जरिये वर्णन किया जाता है। जिसमें मुख्य रूप से भगवान शिव और पार्वती की धार्मिक गाथाएं शामिल हैं।
महिलाएं पूजा-अर्चना के दौरान प्रतिकात्मक रूप से गड्ढे खोदकर सगरी का निर्माण करती है। जिसमें पेड़-पौधे लगाकर अलग-अलग पूजन सामग्रियां चढ़ाई जाती है। वहीं भगवान शिव-पार्वती को भोग स्वरूप पसहर चावल, भैंस का दूध, दही, घी, बेल पत्ती, कांशी, खमार, बांटी, भौरा सहित अन्य सामग्रियां अर्पित की गई। दोपहर तक कथा और धार्मिक रूप से शिव-पार्वती का स्तुति गान करते हुए औलादों की लंबी आयु की कामना की।