लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / जरा सोचिए, वजन घटाना हेडफोन पर संगीत सुनने जितना आसान हो जाए तो कितना अच्छा रहेगा। आपको न तो अपने पसंदीदा पकवानों से दूरी बनानी होगी, न ही जिम में घंटों पसीना बहाना पड़ेगा। सुनने में फिल्मी लगने वाली यह बात हकीकत का रूप अख्तियार कर चुकी है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता एक ऐसा हेडफोन बनाने का दावा कर रहे हैं, जो मोटापे पर काबू पाने में मददगार साबित होगा।
दरअसल, हेडफोन के दोनों स्पीकर में इलेक्ट्रोड लगाए गए हैं। ये इलेक्ट्रोड कान के पिछले हिस्से में मौजूद ‘वेस्टिब्यूलर’ नसों में इलेक्ट्रिक सिग्नल का संचार करते हैं। ‘वेस्टिब्यूलर’ नसें मस्तिष्क के ‘हाइपोथैलेमस’ भाग से जुड़ी होती हैं, जो भूख नियंत्रित करने के अलावा फैट स्टोरेज की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। इससे ‘हाइपोथैलेमस’ भाग सक्रिय हो जाता है।
यह तृप्ति और संतुष्टि का भाव जगाने वाले ‘लेप्टिन’ हार्मोन का स्त्राव करने लगता है, जिससे व्यक्ति कम मात्रा में कैलोरी की खपत करता है। ‘हाइपोथैलेमस’ फैट स्टोरेज की प्रक्रिया भी धीमी कर देता है। यानी शुगर शरीर में फैट के रूप में जमा होने के बजाय ऊर्जा में तब्दील होने लगती है।
‘जर्नल अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट’ में छपे शोधपत्र के मुताबिक हेडफोन पहनने से धारक को कोई असुविधा नहीं होगी। इससे निकलने वाले बिजली के झटके कान के पीछे हल्की गुदगुदी जैसा एहसास कराएंगे। शोधपत्र में बताया गया है कि हेडफोन आजमाइश में खरा उतरा है।
200 प्रतिभागियों को लगातार तीन महीने तक रोजाना 45 मिनट यह हेडफोन पहनाने पर उनके वजन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकी। शोधकर्ताओं की मानें तो हेडफोन अग्नाशय में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देने में भी कारगर है। इससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।