खानाखाजना / शौर्यपथ 250 ग्राम करेले, 100 ग्राम प्याज, 100 ग्राम बेसन, 150 ग्राम तेल, चुटकीभर हींग, जीरा, लाल मिर्च, सूखा हरा धनिया, हल्दी, नमक, चीनी, नींबू या सत और हरी मिर्च।
विधि :करेले को धोकर ऊपर के छिलके साफ बर्तन में निकालें। एक भाग में चाकू से चीरा लगाकर बीज इत्यादि निकाल कर छिलके के साथ रखें तथा प्याज के टुकड़े को पीसकर एक ओर रख लें। करेले के अंदर के भाग में नमक भरकर 15 मिनट तक रखें व उन्हें धो लें।
अब मसाला तैयार करें। फ्रायपैन में 100 ग्राम तेल डालकर मसाला भून लें। बाद में एक कटोरी में पिसी लाल मिर्च, नमक, पिसा धनिया, चीनी, नींबू, हल्दी को मिला लें तथा भूने हुए मसाले में डाल दें एवं बेसन डाल दें तथा भून लें। करेले के छिलके व बीज इत्यादि इसमें डालकर भूनकर प्लेट में ठंडा कर लें।
अब करेले में मसाले भरें और सफेद धागा लपेट दें ताकि मसाला बाहर न निकले एवं पेन में तेल रखकर गरम करके उसमें भरे हुए करेले डालें तथा थोड़ी देर बाद उसे ढँक कर पका लें। ठंडा होने पर बँधा धागा अलग कर करेलों को हरे धनिए से सजाएँ व सर्व करें।
जानिए करेले से होने वाले ये 8 फायदे
हरी सब्जियों के बीच आकर्षित करने वाला करेला, स्वाद में भले ही कड़वा लगता हो, लेकिन इससे होने वाले फायदे जरूर मीठे हैं। क्या आप जानते हैं, करेले से स्वास्थ्य को होने वाले इन लाभ के बारे में। अगर नहीं जानते, तो पढि़?ए कड़वे करेले के यह फायदे - 1करेले में फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह कफ, कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। इसके सेवन से भोजन का पाचन ठीक तरह से होता है, और भूख भी खुलकर लगती है।
2अस्थमा की शि?कायत होने पर करेला बेहद फायदेमंद होता है। दमा रोग में करेले की बगैर मसाले की सब्जी खाने से लाभ मिलता है।
3पेट में गैस बनने और अपच होने पर करेले के रस का सेवन करना अच्छा होता है, जिससे लंबे समय के लिए यह बीमारी दूर हो जाती है ।
4करेले का जूस पीने से लीवर मजबूत होता है, और लीवर की सभी समस्याएं खत्म हो जाती है। प्रतिदिन इसके सेवन से एक सप्ताह में परिणाम प्राप्त होने लगते हैं। इससे पीलिया में भी लाभ मिलता है।
5 करेले की पत्त?ियों या फल को पानी में उबालकर इसका सेवन करने से, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, और किसी भी प्रकार का संक्रमण हो, ठीक हो जाता है।
6 उल्टी-दस्त या हैजा हो जाने पर करेले के रस में काला नमक मिलाकर पीने से तुरंत आराम मिलता है। जलोदर की समस्या होने पर भी दो चम्मच करेले का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।
7 लकवा या पैरालिसिस में भी करेला बहुत कारगर उपाय है। इसमें कच्चा करेला खाना रोगी के लिए लाभदायक होता है।
8 खून साफ करने के लिए भी करेला अमृत के समान है।
मधुमेह में यह बेहद असरकारक माना जाता है। मधुमेह में एक चौथाई कप करेले का रस, उतने ही गाजर के रस के साथ पीने पर लाभ मिलता है।