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कभी भी बेड पर बैठकर ना खाएं खाना, राहु होते हैं नाराज

  • rounak group

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ आधुन‍िक जीवनशैली में हमनें खाने की तरीके में भी बहुत बदलाव कि‍या है। पहले लोग जमीन पर सुखासन में बैठकर खाना खाया करते थे। खाना खाते वक्‍त क‍िसी से बात नहीं करते थे। ज्‍योत‍िष की दृष्‍ट‍ि से खाना खाने की आदतों का हमारे ग्रहों पर असर पड़ता है। पं.श‍िवकुमार शर्मा से जान‍िए रोजमर्रा में प्रयुक्‍त होने वाली आदतें और उनका असर।
-भोजन कभी भी अपने बेड पर बैठकर ना खाएं। इससे अन्‍न का अपमान होता है और राहु अप्रसन्‍न होते हैं।
-खाना खाते समय टीवी देखना, क‍िताब पढ़ना ठीक नहीं होता। इससे हमारी श्‍वास नली में भोजन के कण फंसने का डर रहता है।
-खाना खाने से पहले हाथ और पैर अवश्‍य धोएं। इससे हान‍िकारक बैक्‍टिर‍िया भोजन के जरि‍ए हमारे पेट में नहीं पहुंच पाते। भोजन जल्‍दी-जल्‍दी ना चबााएं। भोजन के तुरंत बाद पानी ना प‍िएं। खाना खाने के 40 म‍िनट बाद पानी पी सकते हैं। भोजन हमेशा बैठकर ही करें।
- भोजन कररने के बाद कुछ लोग थाली में ही अपने हाथ धो देते हैं। इससे अन्‍नपूर्णा का अपमान होता है। चंद्र और शुक्र अप्रसन्‍न हो जाते हैं। ऐसे घर से बरकत चली जाती है।
-थाली में जूठन छोड़ना अन्‍न का अपमान होता है। इससे मां अन्‍नपूर्णा का शाप लगता है।
-भोजन करते समय हमारा मुंह पूर्व या उत्‍तर में होना चाह‍िए।
-भोजन करने से पहले या भोजन करने के बाद लघु शंका करनी चाह‍िए।

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शौर्यपथ