ग्रहण / शौर्यपथ /अक्टूबर के महीने में खास खगोलीय संयोग बन रहा है, इस माह एक नहीं बल्कि 2 ग्रहण लग रहे हैं. एक सूर्य ग्रहण तो दूसरा चंद्र ग्रहण जल्द ही देखने को मिलेंगे. सूर्य ग्रहण की बात करें तो यह साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण होने जा रहा है. यह इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी है. इससे पहले 20 अप्रैल के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा था. जानिए दूसरा सूर्य ग्रहण अक्टूबर में किस दिन लग रहा है, यह किस तरह का सूर्य ग्रहण होने वाला है, सूर्य ग्रहण कैसे लगता है और सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा या नहीं.
कब लगेगा सूर्य ग्रहण |
साल 2023 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर, शनिवार के दिन लगने वाला है. इसी दिन अमावस्या भी लग रही है.
कैसे लगता है सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होकर गुजरता है. सूर्य के सामने चंद्रमा आने से जितना हिस्सा चंद्रमा ढक देता है उतने हिस्से में अंधकार दिखाई देने लगता है. इसे ही ग्रहण कहा जाता है.
इस बार किस प्रकार का ग्रहण लग रहा है
सूर्य ग्रहण मुख्यरूप से 4 तरह के होते हैं. पूर्ण सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण और मिश्रित सूर्य ग्रहण इसके उदाहरण हैं. 14 अक्टूबर के दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होने वाला है. यह सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता है और सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है. ऐसे में चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी को नहीं घेर पाता और इसीलिए आसमान में सूर्य की बाहरी आकृति नजर आती है जो आग की रिंग की तरह दिखती है, इसीलिए इस ग्रहण को रिंग ऑफ फायर भी कहते हैं.
कहां-कहां से देखा जा सकता है सूर्य ग्रहण
इस ग्रहण को नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका और सेंट्रल अमेरिका से अपने पूर्ण स्वरूप में देखा जा सकता है. बाकी हिस्सों से इसे आंशिक तौर पर देखा जा सकेगा. अफ्रीका में वेस्ट, पेसिफिक, आर्कटिक और अटलांटिक से भी यह ग्रहण दिखाई पड़ने वाला है.
सूतक काल लगेगा या नहीं
सूर्य ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. धार्मिक आधार पर कोई ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले से सूतक काल लग जाता है. सूतक काल वो समय होता है जिसमें बहुत से कामों को करने की मनाही होती है. भारत (India) से इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकता इसीलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.