आस्था /शौर्यपथ /आज नवरात्रि का तीसरा दिन है. ऐसे में आज मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाएगी. आज देवी मां के इस रूप की पूरे विधि-विधान के साथ अराधना की जाएगी. इनकी पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं माता चंद्रघंटा की सही पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग के बारे में.
चंद्रघंटा देवी की पूजा का शुभ मुहूर्त
मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप की पूजन के 9 शुभ मुहूर्त हैं. ब्रह्म मुहूर्त 3 बजकर 31 मिनट एएम से लेकर 4 बजकर 18 मिनट एएम तक. प्रातः संध्या 3 बजकर 55 मिनट एएम से लेकर 5 बजकर 5 मिनट एएम तक, अभिजीत मुहूर्त 10 बजकर 50 मिनट एएम से लेकर 11 बजकर 39 मिनट तक, विजय मुहूर्त 1 बजकर 18 मिनट पीएम से लेकर 2 बजकर 7 मिनट पीएम तक, गोधूलि मुहूर्त 5 बजकर 24 मिनट पीएम से लेकर 6 बजकर 34 मिनट पीएम तक, सायान्ह संध्या 5 बजकर 24 मिनट पीएम से 6 बजकर 34 मिनट तक, अमृत काल 18 अक्टूबर 1 बजकर 54 एएम से लेकर 3 बजकर 32 मिनट एएम तक, जबकि निशिता मुहूर्त 10 बजकर 51 मिनट पीएम से लेकर 11 बजकर 38 मिनट पीएम. वहीं, रवि योग 12 बजकर 1 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 18 अक्टूबर दिन बुधवार को 5 बजकर 4 मिनट एएम तक रहेगा.
चंद्रघंटा देवी की पूजा विधि
आप सुबह उठकर स्नान करें और फिर मंदिर की साफ सफाई करें. इसके बाद मां दुर्गा को गंगाजल से स्नार कराएं, फिर मां को अक्षत, लाल चंदन, चुनरी और पूल चढ़ाएं, इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. साथ ही दुर्गा चालीसा भी पढ़ें. इसके बाद अंत में आप दुर्गा आरती करके भोग लगाएं मां को.