जीवनशैली / शौर्यपथ / जीवन में स्थिरता लाने के लिए मानसिक शांति और संतुष्टि आवश्यक है। मन अगर अशांत रहता है तो हर कदम पर परेशानियों से सामना हो सकता है। हमारे घर या कार्यक्षेत्र में मौजूद वास्तु दोष भी मानसिक तनाव को बढ़ाते हैं। वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए जो मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
मानसिक शांति पाने के लिए कभी भी अपना घर किसी एकांत जगह पर न बनवाएं। घर हमेशा आबादी में होना चाहिए। घर को हमेशा स्वच्छ रखें। घर में परिजनों से धीमी आवाज में और प्रेमपूर्वक बात करें। घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर ऊं और स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। सुबह और शाम घर या कार्यक्षेत्र में अगरबत्ती जलाएं। प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें। सुबह उठकर घर के बुजुर्गों के पैर छुएं। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ाएं। भूख से कम खाना खाएं। परिवारिक समस्याओं को लेकर मन अशांत रहता है तो कच्चे दूध को कुल्लड़ में लें और शहद मिलाकर उसे घर, मुख्य द्वार पर छिड़क दें। घर में कभी भी मकड़ी का जाला न बनने दें। इससे मानसिक तनाव बढ़ता है। रसोईघर को हमेशा स्वच्छ रखें। घर के किसी कोने में अंधेरा न रहने दें। सोने से पहले अपने बिस्तर की सफाई करें और स्वच्छ चादर बिछाएं। शयनकक्ष में कभी भी पैर दरवाजे की ओर कर न सोएं। सोते वक्त बेड के नीचे या इसके सिरहाने जूते-चप्पल नहीं होने चाहिए। शयनकक्ष में झाड़ू, अंगीठी, नशीले पदार्थ नहीं रखना चाहिए।