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इस दिन पड़ रही है पापांकुशा एकादशी, जानिए किस मुहूर्त में कर सकते हैं पूजा

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  व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं. सालभर में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं जिनमें से एक है पापांकुशा एकादशी. इस एकादशी के दिन व्रत रखने पर मान्यतानुसार पापों से मुक्ति मिल जाती है. कहते हैं जो भक्त श्रीहरि के लिए पापांकुशा एकादशी का व्रत रखता है और विधिवत पूजा करते हैं तो उन्हें 100 सूर्य यज्ञ और एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है. इस एकादशी की पूजा से माना जाता है कि जातक को मोक्ष की प्राप्ति होती है. जानिए इस साल किस दिन पड़ रही है पापांकुशा एकादशी और किस तरह किया जा सकता है भगवान विष्णु का पूजन.
पापांकुशा एकादशी 2023 |
   पापांकुशा एकादशी इस साल आश्विन माह में 25 अक्टूबर, बुधवार के दिन मनाई जा रही है. इसी दिन एकादशी का व्रत रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, एकादशी की तिथि 24 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर शुरू हो जाएगी और इस तिथि का अंत 25 अक्टूबर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर हो जाएगा. एकादशी का व्रत इस चलते 25 अक्टूबर के दिन ही रखा जाएगा और व्रत का पारण अगले दिन 26 अक्टूबर को होगा.
एकादशी की पूजा किसी भी समय की जा सकती है लेकिन इस दिन राहूकाल भी लग रहा है और राहूकाल में एकादशी की पूजा नहीं की जाती है. राहुकाल दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त के अलावा बाकी दिन एकादशी की पूजा की जा सकती है.
एकादशी की पूजा विधि
      पापांकुशा एकादशी के दिन सुबह उठकर निवृत्त होने के बाद स्नान किया जाता है और स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं. इसके बाद, घर के मंदिर में दीप प्रज्जवलित किया जाता है. भक्त भगवान विष्णु पर गंगाजल छिड़कते हैं और पुष्प व तुलसी दल विष्णु भगवान के समक्ष अर्पित किए जाते हैं. इस दिन व्रत रखने वाले भक्त भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद आरती करते हैं और दिनभर विष्णु ध्यान में लीन रहते हैं. भगवान विष्णु को भोग लगाने के बाद सभी में प्रसाद बांटा जाता है. एकादशी के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करना भी शुभ माना जाता है.

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शौर्यपथ