ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /ब्यूटी इंडस्ट्री में आयदिन कुछ न कुछ नया आता ही रहता है, कभी आइस फेशियल आ जाता है तो कभी 10 स्टेप रूटीन, कभी बेकिंग सोडा के इस्तेमाल पर बात होने लगती है तो कभी स्नेल म्यूसिन के फायदे गिनाए जाते हैं. इन सभी ट्रेंड्स के बीच एक नया ट्रेंड निकलकर आया है स्किन फास्टिंग का. लेकिन, स्किन फास्टिंग क्या है, इससे त्वचा को कैसे फायदा मिलता है और आप कैसे इसे आजमा सकती हैं यहां जानिए.
क्या है स्किन फास्टिंग |
स्किन फास्टिंग का मतलब अलग-अलग तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स से स्किन को राहत दिलाना है. आजकल स्किन केयर में हम अलग-अलग स्टेप्स को फॉलो करते हैं और 4 से 5 प्रोडक्ट्स का एक ही समय पर इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, स्किन फास्टिंग में कम से कम प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है. क्लेंजर, स्क्रब, सीरम और टोनर वगैरह का कुछ दिन इस्तेमाल ना करके सिर्फ फेस वॉश, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल स्किन फास्टिंग होता है. स्किन फास्टिंग में कम से कम प्रोडक्ट्स को त्वचा पर लगाया जाता है जिससे त्वचा अनेक प्रोडक्ट्स के तले ना दबे और एकबार फिर सांस ले सके.
स्किन फास्टिंग के फायदे
स्किन फास्टिंग से त्वचा को कई फायदे मिलते हैं. स्किन फास्टिंग स्किन को ताजगी देती है.
स्किन फास्टिंग करने पर त्वचा खुद को बैलेंस कर लेती है और रिसेट हो जाती है.
स्किन फास्टिंग नेचुरल है और इसे कोई भी आजमा सकता है.
आप कुछ दिनों या हफ्तों के लिए स्किन फास्टिंग कर सकती हैं.
प्राकृतिक तरीके से स्किन की सेहत बेहतर होने लगती है.
स्किन का नेचुरल प्रोटेक्टिव बेरियर मजबूत होता है.
स्किन की सेंसिटिविटी कम होने लगती है.
रोजाना अलग-अलग प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से स्किन के रोम छिद्र बंद हो सकते हैं. स्किन फास्टिंग से स्किन इन प्रोडक्ट्स के ओवरलोड से बचती है.
क्या आपको करनी चाहिए स्किन फास्टिंग
आप चाहे तो स्किन फास्टिंग कर सकती हैं लेकिन स्किन फास्टिंग करने से पहले इससे जुड़े कुछ दूसरे पहलू भी जानने जरूरी हैं. अपने स्किन केयर रूटीन से सीरम या टोनर जैसे प्रोडक्ट्स हटाने से हो सकता है कि आपकी स्किन ड्राई और डिहाइड्रेटेड महसूस करने लगे.
कई बार स्किन फास्टिंग का असर तुरंत नजर नहीं आता है.
एक्ने, पिग्मेंटेशन और एजिंग साइंस से परेशान लोगों का कई स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल ना करना दिक्कत बढ़ाने वाला हो सकता है.