व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /पति-पत्नी के बीच विश्वास की डोर को मजबूत बनाने वाला व्रत करवाचौथ 1 नवंबर को रखा जाएगा. यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, उनके अच्छे स्वास्थ्य और जन्म- जन्मांतर तक उन्हें अपने पति के रूप में पपाने के लिए करती हैं. पति-पत्नी के अटूट बंधन का ये व्रत हर विवाहित नारी के मन को एक सुखद अनुभूति का एहसास दिलाता है. ऐसे में करवा चौथ में कुछ चीजों का विशेष महत्व होता है. तो चलिए आपको बताते हैं की पूजा की थाली में आपको किन-किन सामग्रियों की जरूरत होगी.
करवा चौथ की थाली में क्या क्या होना चाहिए?
सबसे पहले करवा चौथ की पूजा सामग्री में करवा माता की पूजा के लिए उनकी तस्वीर होनी चाहिए.
करवा चौथ व्रत में सिक का होना बहुत जरूरी होता है.
करवा माता की तस्वीर के अलावा सिख भी माता की शक्ति का प्रतीक माना जाता है.
बिना करवा के करवा चौथ की पूजा का कोई अर्थ नहीं होता. करवा नदी का प्रतीक माना जाता है.
करवा चौथ पूजा में छलनी का होना भी जरूरी होता है. व्रत में महिलाएं अपने पति के चेहरे को छलनी से देखती हैं.
बिना दीपक के कोई भी व्रत या पूजा पूरी नहीं हो सकती. करवा पूजा में दीपक की रोशनी का विशेष महत्व होता है.
करवा चौथ की पूजा सामग्री में तांबे का लोटा होना जरूरी है. इस लोटे से सबसे पहले महिलाएं चंद्रमा को अर्घ देती है उसके बाद ही व्रत पूरी मानी जाती है.
पूजा की थाली में फल- फूल, सुहाग का सामान, जल, दीपक और मिठाई होनी चाहिए.
इन चीजों से करवा माता की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद लेकर अपने परिवार की मंगल कामना की प्रार्थना कर पूजा संपन्न की जाती है.