व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /सनातन धर्म में कार्तिक माह को काफी पुण्यकारी कहा गया है. हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है. इस बार धनतेरस का त्योहार जिस तिथि को मनाया जा रहा है, उसे लेकर लोगों में काफी भ्रम है. कुछ जगह कहा जा रहा है कि धनतेरस 9 नवंबर की है जबकि कुछ जगह कहा जा रहा है कि धनतेरस 10 नवंबर को मनाया जाएगा. इसलिए लोग धनतेरस की तिथि को लेकर काफी कंफ्यूज हो रहे हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं कि हिंदू पंचाग के अनुसार धनतेरस किस तिथि को मनाया जाएगा.
9 या 10, किस दिन है धनतेरस
हिंदू पंचाग में किसी भी पर्व को मनाने के लिए उदया तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है. त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12.25 से आरंभ हो रही है और ये त्रयोदशी तिथि अगले दिन 11 नवंबर को दोपहर एक बजकर 57 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार देखे तो धनतेसर का त्योहार शुक्रवार यानी 10 नवंबर को ही मनाया जाएगा. आपको बता दें कि इस बार धनतेरस के त्योहार पर नक्षत्रों के काफी शुभ योग बन रहे हैं. इस पावन पर्व पर हस्त नक्षत्र लग रहा है. ये नक्षत्र खरीदारी के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. इस दिन आम जनता से लेकर व्यापारी तक शुभ लाभ और फल के लिए जमकर खरीदारी करते हैं. साथ ही इसी दिन चंद्रमा और शुक्र की युति से शशि योग भी बन रहा है. इसके अलावा इसी दिन से शनि कुंभ में मार्गी होने जा रहे हैं. ऐसे में ये दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कैसे करें धनतेरस का पूजन
धनतेरस पर भगवान धंवन्तरि के साथ साथ मां लक्ष्मी और धन और वैभव के देवता कुबेर की भी पूजा की जाती है. इस दिन प्रदोष काल में की गई धनतेरस की पूजा काफी फलदायी मानी जाती है. मान्यता है कि धनतेरस की पूजा को विधि विधान से करने पर घर में सुख संपत्ति और वैभव का आगमन होता है. एक साफ चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर इसे गंगाजल से शुद्ध कर लें. अब इस चौकी पर मां लक्ष्मी, कुबेर और धंवन्तरि की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. अब कलश स्थापित करें औऱ पूजा का संकल्प लें. अब भगवान को लाल फूल अर्पित करें और चंदन से तिलक करें. अब घी का दीपक जलाकर धूप दीप और नैवेद्य अर्पित करें. अब लक्ष्मी स्त्रोत्र का पाठ करें और कुबेर यंत्र की भी पूजा करें. इसके बाद कुबेर स्त्रोत्र का पाठ करें. अब घर में दीपक जलाएं. इस दिन सोना चांदी और अन्य वस्तुओं की खरीद का काफी शुभ फल मिलता है. इस दिन झाड़ू, नमक, धनिया आदि चीजों को खरीदने से घर में सुख संपत्ति और वैभव आता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है.