आस्था /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का कितना महत्व है ये तो हम सभी जानते हैं. हर घर में तुलसी के पौधे की पूजा करने की परंपरा बरसों से चली आ रही है. संध्या के वक्त तुलसी में दीपक जलाना शुभ माना जाता है. धार्मिक महत्व के साथ-साथ तुलसी औषधि के रूप में भी इस्तेमाल की जाती है. तुलसी माता को लोग धन की देवी मां लक्ष्मी का रूप मानते हैं, इसलिए तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है. वैसे तो रोजाना तुलसी माता की पूजा की जाती है लेकिन खरमास लग चुका है ऐसे में खरमास के दौरान क्या कुछ नहीं करना चाहिए चलिए आपको बताते हैं.
रोजाना तुलसी की पूजा
हिंदू धर्म में लगभग सभी घरों में रोजाना सुबह शाम तुलसी माता की पूजा की जाती है. तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाने के साथ ही आरती उतारी जाती है लेकिन आपको बता दें की खरमास में ये नहीं होता है.
नेगेटिव एनर्जी होती है दूर
ऐसा कहा जाता है कि तुलसी अगर आपके आंगन में हो तो नेगेटिव एनर्जी आपके घर के आसपास भी नहीं होती. घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
खरमास में नहीं होते मांगलिक कार्य
खरमास के दिनों में कोई भी शुभ या मंगल कार्य करने की मनाही होती है. ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि खरमास में तुलसी की पूजा करनी चाहिए या नहीं. चलिए बताते हैं आपको इस सवाल का जवाब.
तुलसी में जल अर्पित करें
16 दिसंबर 2023 से खरमास शुरू हो चुका है. ऐसे में ज्योतिष के मुताबिक इन दिनों शुभ कार्य या पूजा पाठ नहीं करवाया जाता है. लेकिन आप इस दौरान तुलसी में जल अर्पित जरूर कर सकते हैं.
तुलसी में भूलकर भी ना चढ़ाएं ये चीजें
तुलसी के पौधे में जल अर्पित करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं इसलिए आप खरमास के दिनों में भी जल चढ़ा सकते हैं. हालांकि खरमास के दौरान तुलसी के पौधे के ऊपर सिंदूर या फिर कोई भी पूजन सामग्री गलती से भी ना चढ़ाएं.
तुलसी को स्पर्श न करें
हिंदू धर्म में तुलसी की पूजा का खास महत्व है. इससे जुड़े कई उपाय भी बताए गए हैं. लेकिन कई ऐसे दिन होते हैं जब तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए.
इस दिन ना तोड़े तुलसी
खरमास के महीने में पड़ने वाली एकादशी, रविवार और मंगलवार के दिन तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए. इसके अलावा इस दिन जल भी अर्पित नहीं करना चाहिए.