व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / नए साल में त्योहारों की शुरुआत मकर संक्रांति से होगी. पूरे वर्ष में 12 संक्रांति मनाई जाती है, लेकिन मकर संक्रांति का महत्व सबसे ज्यादा है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं. इसी दिन खरमास भी समाप्त होता है. देश भर में मकर संक्रांति मनाई जाती है. इसे कई नामों जैसे उत्तरायण, पोंगल, मकरविलक्कु, माघ बिहु से जाना जाता है.आइए जानते हैं इस वर्ष मकर संक्रांति की तिथि और स्नान व दान करने का शुभ मुहूर्त.
किस दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति |
साल 2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी सोमवार को मनाई जाएगी. 15 जनवरी को सूर्य प्रातः: 2 बजकर 54 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. मान्यता है कि मकर संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान करने के बाद दान करने से पुण्य लाभ होता है.
मकर संक्रांति पुण्य काल - सुबह 06.41- शाम 06.22
अवधि - 11 घंटे 41 मिनट
मकर संक्रांति महा पुण्य काल - सुबह 06.41 - सुबह 08.38
अवधि - 1 घंटा 57 मिनट
मकर संक्रांति महत्व |
मान्यता है कि सूर्य के उत्तरायण समय देवी देवताओं का शुभ समय होता है, सूर्य देव के उत्तरायण होते ही स्वर्ग के द्वार खुलते हैं. मान्यता है कि जो उत्तरायण और शुक्ल पक्ष में देह त्यागता है उसे जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है. यही कारण है कि भीष्म पितामह शरशैया पर प्राण त्यागने के लिए उत्तरायण का इंतजार किया था. इस दिन किया गया गंगा स्नान जन्म-जन्म के पापों से मुक्ति दिलाता है, ऐसी मान्यता है. इस दिन तिल, जूते, अन्न, तिल, गुड़, वस्त्र, कंबल का दान करने से शनि और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है, ऐसा माना जाता है.