आस्था /शौर्यपथ / अयोध्या में जनवरी में होने वाले रामलला प्राणप्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं. इस विशाल समारोह को लेकर साधु-संतों में तो खासा उत्साह है ही, अयोध्या के आम लोग भी इसे लेकर काफी खुश हैं. मंदिर के गर्भगृह के निर्माण का काम पिछले काफी समय से तेजी से चल रहा है और अब ये अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. साल 2020 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यहां 67 एकड़ जमीन की पूरी साफ-सफाई करवाई गई, जिसमें से 2 एकड़ जमीन पर मंदिर का निर्माण किया जा रहा है.
प्राण प्रतिष्ठा के पहले हुई ये तैयारियां
पुजारियों का किया गया चयन
मंदिर के महत्व को देखकर वहां के पुजारियों के चयन में खास सावधानी बरती जा रही है. कर्मकांड और धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार 300 पुजारियों में से 21 पुजारियों का चयन कर उन्हें उचित ट्रेनिंग दी जा रही है. इनमें से चयनित पुजारियों को यहां रखकर अन्य को दूसरे मंदिरों में भेजा जाएगा.
कोर्ट के फैसले के बाद पिछले कुछ समय से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है. जाहिर है कि इन श्रद्धालुओं के आने से मंदिर में आने वाले चढ़ावे में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. श्रद्धालु न केवल मंदिर के लिए धन बल्कि सोने चांदी का भी चढ़ावा दे रहे हैं. ऐसे में इस दान और चढ़ावे के प्रबंधन के लिए मंदिर परिसर के निकट ही बैंक कर्मियों को भी तैनात किया गया है.
घाटों की भी हुई मरम्मत
केवल मंदिर ही नहीं बल्कि आस-पास के पूरे इलाके का कायाकल्प किया जा रहा है. नदी के किनारे घाट बनाए जा रहे हैं या फिर पुराने घाटों की मरम्मत की जा रही है. जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है. इसके साथ ही मंदिर से 22 किलोमीटर दूर जहां मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है उसके लिए भी फंड जुटाए जा रहे हैं, ताकि इसके निर्माण का कार्य भी जल्द शुरू किया जा सके.