अयोध्या धाम /शौर्यपथ /उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अगले महीने 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा होने वाला है. इस दिन श्री राम को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा. 50 साल बाद ये खास दिन सनातन धर्म के लोगों के लिए आया है. मंदिर के निर्माण से अयोध्या धाम एक टूरिक्ट प्लेस के रूप में डेवलप होगा. मंदिर का निर्माण पूरी तरह से अभी भी पूरा नहीं हुआ है. इसको कई चरणों में किया जाना है. इसी बीच मंदिर ट्रस्ट की ओर से भगवान श्री राम के सिंहसान से जुड़ी जानकारी सांझा की गई. आइए जानते हैं कि मंदिर कार्य किस चरण में हैं और श्री राम का सिंहासन कैसा है.
अयोध्या राम मंदिर निर्माण अपडेट |
अयोध्या में नवनिर्मित श्री राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों से होगा. इसी दिन रामलला को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा. मंदिर निर्माण की बात करें तो ये 3 चरणों में होना है और इसका डेडलाइन दिसंबर 2025 तक है. अभी 22 जनवरी तक निर्माण का पहला चरण पूरा होगा. श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर के शिखर पर 5 मंडपों का निर्माण पूरा किया जा चुका है.
श्री राम का खास सिंहासन |
मंदिर ट्रस्ट ने श्री राम के सिंहासन को लेकर हाल में ही जानकारी दी है. 22 जनवरी को गर्भगृह में श्री राम इसी सिंहासन पर विराजेएंगे. ये सोने और संगरमरमर से बना है. राजिस्थान के कलाकारों द्वारा बनाए गए इस सिंहासन के लिए बहुत टाइम लगा है. इसकी ऊंचाई 3 फीट है और 8 फीट लंबाई है. 25 दिसंबर 2023 को इस सिंहासन को श्री राम मंदिर ले आया जाएगा.