आस्था /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में सफला एकादशी व्रत का खास महत्व है. इस दिन भक्त सच्चे मन से भगवान विष्णुकी पूजा आराधना करते हैं. खासतौर पर इस दिन व्रत रखा जाता है. कहते हैं ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. पौष माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को ही सफला एकादशी कहा जाता है. नए साल की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में साल 2024 की पहली एकादशी 7 जनवरी को पड़ रही है. मान्यता है कि सफला एकादशी का व्रत करने से मुश्किलें कम होती हैं और रुके हुए काम पूरे हो जाते हैं. हालांकि, इस व्रत को रखने के अपने कुछ नियम हैं. सफला एकादशी के दिन कुछ कामों को करने की सख्त मनाही होती है. कहते हैं कि सफला एकादशी के दिन कुछ ऐसे काम हैं जिनको करने से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं. जानिए सफला एकादशी के दिन कौन सी गलतियों को करने से बचना चाहिए.
सफला एकादशी के दिन नहीं करनी चाहिए ये गलतियां
अगर आप एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो यह जानते होंगे की एकादशी तिथि पर चावल का सेवन करना वर्जित होता है. पौराणिक मान्यता के मुताबिक इस दिन चावल खाने से परहेज करना चाहिए.
एकादशी के व्रत के दिन किसी से भी अभद्र व्यवहार या भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से सफला एकादशी का व्रत सफल नहीं होता.
कहा जाता है कि एकादशी के दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए. ऐसा करने पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी नाराज हो सकते हैं और उनकी कृपा समाप्त हो सकती है.
अगर आप सफला एकादशी के दिन पूजा कर रहे हैं तो पूजा स्थल की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी है. पूजा स्थल गंदा नहीं रहना चाहिए. ऐसा होने पर वास्तु दोष पैदा होता है और नकारात्मक ऊर्जा घर कर लेती है.
सफला एकादशी के दिन तेल और साबुन का उपयोग करने से मना किया जाता है.
अगर आप सफला एकादशी की पूजा कर रहे हैं या फिर व्रत रख रहे हैं तो इस बात का खास ध्यान रखें कि मन में किसी भी व्यक्ति के लिए बुरे विचार नहीं लाने चाहिए और ना ही किसी की बुराई करनी चाहिए. इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने का शुभ फल मिलता है. भजन-कीर्तन करना भी शुभ माना जाता है.