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बेटे, भाई, सखा और राजा ही नहीं अपनी हर भूमिका में आदर्श माने गए भगवान श्री राम, इसलिए कहलाते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम

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 आस्था /शौर्यपथ / अयोध्या में श्री राम विराजित हो चुके हैं. हर ओर जय श्री राम के नाम की गूंज है. लोग श्री राम की भक्ति में लीन हैं. अलौकिक, अप्रतिम मंदिर में विराजमान हुए श्रीराम को आदर्श पुरुष क्यों कहा जाता है, जानिए. भगवान विष्णु के सभी अवतारों में श्री राम को ऐसा अवतार कहा गया है, जो सभी युगों से प्रासंगिक रहे हैं. उनका जीवन ऐसा है जो व्यक्ति को आदर्श बनने को प्रेरित करता है. उनके चरित्र को लेकर आज भी कहा जाता है कि उनकी तरह मर्यादा का पालन करना चाहिए.  भगवान श्री राम एक अच्छे बेटे, भाई पुत्र और राजा ही नहीं बल्कि अपनी हर भूमिका में आदर्श कहे जाते हैं.
बेटे के रूप में राम
  राजा दशरथ के सबसे बड़े और लाडले पुत्र होते हुए भी राम ने पिता के वचन के लिए सब त्याग दिया. श्री राम ने जो आदर्श पुरुष का रूप त्रेता में पेश किया, वह आज भी मिसाल है. न उन्हें राज्य पाने की लालसा थी और ना ही किसी प्रकार का धन प्रेम. उन्होंने पुत्र धर्म को ही सर्वोत्तम माना. वनवास जाने के समय भी माता कैकेयी समेत तीनों माताओं के चरण स्पर्श किए. कैकेयी माता के प्रति भी कभी कोई संदेह नहीं किया.
शांतप्रिय राम
  धुर्नविद्धा में निपुण, अत्यंत पराक्रमी होने के बाद भी राम सदैव शांतिप्रिय रहे हैं. चाहे राज्य छिन जाना हो या पत्नी का अपहरण, वे अपने जीवन में सदैव शांत दिखते हैं. वनवासी जीवन को भी वे चाव से गले लगाते हैं.
भाई के रूप में राम  
 अपने भाईयों और बहन से प्रेम करने वाले श्रीराम आदर्श पुरुष हैं. वे अपने जीवन में परिवार की रक्षा को सदैव तत्पर दिखे. लक्ष्मण को भी वे साथ इसलिए नहीं ले जाना चाहते थे क्योंकि वनवास की कठिनाइयों से भाई को दूर रखना चाहते थे. राम ऐसे भाई की आदर्श छवि प्रस्तुत करते हैं, जो हर सुख-दुख में परिवार का साथ नहीं छोड़ता.
सखा हैं राम
 श्रीराम सुग्रीव, विभीषण से सखा के रूप में अगाध प्रेम दर्शाते हैं. सुग्रीव को न्याय दिलाकर राज्य वापस दिलाकर सखा का हर कर्त्तव्य निभाते हैं. रावण वध के बाद विभीषण को राजा बनाते हैं.   
मोक्षदायी राम
  राम मोक्षदायी हैं. देवी अहिल्‍या का उद्वार किया, कई राक्षसों को मुक्ति दी. सीता हरण करने वाले रावण को भी मुक्ति प्रदान की. आदर्श पुरुष राम यहां दिव्य पुरुष की छवि प्रस्तुत करते हैं.
राजा राम
  राजा राम के राज को आदर्श राज्य कहा जाता है. रामराज्य की कल्पना आज भी की जाती है, उसके उदाहरण दिए जाते हैं. प्रजा के लिए अपनी पत्नी को त्याग देने वाले राम आदर्श पुरुष की पराकाष्ठा प्रस्तुत करते हैं.

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शौर्यपथ