व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / माघ माह में आने वाली अमावस्या का विशेष महत्व है. इसे माघी अमावस्या या मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस वर्ष 9 फरवरी को मौनी अमावस्या है. ज्योतिष शास्त्र में इस अमावस्या का काफी महत्व बताया गया है. इस अमावस्या को नदी में स्नान के बाद दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या के दिन विशेष उपाय करने से शनि की साढ़े साती और शनि की ढैय्या के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं किन राशियों पर शनि का प्रकोप चल रहा है और किन उपायों से प्रभाव को कम किया जा सकता है.
मौनी अमावस्या पर शनि साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति
ज्योतिषशास्त्र की गणना के अनुसार, फिलहाल मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही है जबकि कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है. इन राशियों के लोगों को मौनी अमावस्या पर इन उपायों से राहत प्राप्त हो सकती है.
पीपल के नीचे दीया
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभावों को कम करने के लिए मौनी अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीच दीया जलाया जा सकता है. इसके साथ ही ऊं शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करें.
सरसों के तेल में बना भोजन
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभावों को कम करने के लिए मौनी अमावस्या के दिन छाया दान करने से भी राहत मिल सकती है. इसके साथ ही इस दिन भोजन में सरसों के तेल, काले चने और गुड़ का उपयोग करें.
चींटियों को खिलाएं
मौनी अमावस्या के दिन स्नान ध्यान के बाद काले तिल, आटा, शक्कर को मिलाकर चींटियों को खिलाने से भी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है.