सेहत टिप्स /शौर्यपथ /कैल्शियम की कमी होने पर शरीर कई तरह से प्रभावित होता है. हड्डियों में दर्द से डेंटल कैविटीज, मसल्स क्रैंप्स, नींद की कमी और नर्व्स संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में कैल्शियम की कमी से बचे रहना आवश्यक होता है. यह कमी ज्यादातर उन लोगों को प्रभावित करती है जो दूध पीने से परहेज करते हैं और जिनके खानपान में कैल्शियम के दूसरे स्त्रोत नहीं होते हैं. दूध को कैल्शियम का एकलौता स्त्रोत समझा जाता है लेकिन जो लोग दूध नहीं पीते हैं वे इन फूड्स को खानपान का हिस्सा बनाकर कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकते हैं. खासकर ऐसे कुछ हरे पत्ते हैं जिनका जूस पीने पर भी कैल्शियम की कमी पूरी होती है.
दूध के अलावा कैल्शियम से भरपूर फूड्स |
पालक का जूस
सिर्फ आयरन ही नहीं बल्कि पालक के पत्ते कैल्शियम से भी भरपूर होते हैं. एक कप पके हुए पालक में दिनभर की जरूरत का 25 फीसदी तक कैल्शियम पाया जाता है. पालक आयरन, विटामन ए और फाइबर का भी अच्छा स्त्रोत है. ऐसे में इस हरी पत्तेदार सब्जी को खाने या फिर इसका जूस (Spinach Juice) बनाकर पीने पर शरीर की कैल्शियम की कमी पूरी हो सकती है.
चिया सीड्स
शरीर की कैल्शियम की कमी पूरी करने में चिया सीड्स का असर भी देखने को मिलता है. एक चम्मच चिया सीड्स को रोजाना पानी में भिगोकर खाने पर भी कैल्शियम की कमी पूरी हो सकती है. कैल्शियम के लिए चिया सीड्स को सलाद, जूस और अलग-अलग ड्रिंक्स में डालकर भी खाया-पिया जा सकता है.
बादाम
सूखे मेवे कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन से लेकर विटामिन और खनिज भी पाए जाते हैं. बादाम ऐसा सूखा मेवा है जिसमें कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है. बादाम को रोजाना खाया जाए तो शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं होती.
टोफू
वीगन और वेजीटेरियन लोगों के लिए टोफू कैल्शियम का एक अच्छा स्त्रोत है. सोया मिल्क, सोयाबीन, टोफू और अन्य सोया प्रोडक्ट्स से भी शरीर को अच्छी मात्रा में कैल्शियम मिल जाता है. टोफू को डाइट में शामिल करने के भी अलग-अलग तरीके हैं. इसे सलाद, सब्जी या करी वगैरह बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.