धर्म संसार / शौर्यपथ / पुरुषोत्तम मास की यह एकादशी बहुत खास है। यह एकादशी तीन साल बाद पड़ी है और अब 2023 में आएगी। अधिकमास की एकादशी के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।इस एकादशी को पुरुषोत्तमी एकादशी या फिर परम एकादशी भी कहते हैं। इस दिन श्री भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। इस एकादशी में स्वर्ण दान, विद्या दान, अन्न दान, भूमि दान और गौदान किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने से कई यज्ञों के फल का पुण्य प्राप्त होता है। इस व्रत का पारण अगले दिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक किया जा सकता है।
इस प्रकार करें व्रत
एकादशी का व्रत करने के लिए सबसे पहले सुबह स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए। इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी बहुत अच्छा माना जाता है। भगवान श्री हरि को पीले पुष्प अर्पित करें। उनका स्मरण करें। व्रत में धूप, दीप, नेवैद्य और पुष्प आदि से पूजा करने का विधान है। एकादशी के दिन विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी का पूजन भी किया जाता है। इस व्रत में नैवेद्य भी अर्पित किए जाते हैं।
पूजा करते समय आपको व्रत का संकल्प लेना है। इस दिन पूरे दिन फलाहार किया जाता है। चावल इस व्रत में न ही घर में बनाए जाते हैं और न ही कोई खा सकता है। पूजा के बाद यथाशक्ति दान करना चाहिए, किंतु स्वयं किसी का दिया हुआ अन्न आदि ग्रहण न करें। ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन किया गया दान बहुत ही लाभकारी होता है।