सेहत टिप्स /शौर्यपथ /क्या आप 9 घंटे दफ़्तर में काम करने के लिए मजबूर हैं? क्या आप आम तौर पर झुककर बैठते हैं? क्या दफ़्तर के एर्गोनॉमिक्स की वजह से आपके कूल्हे और पीठ अजीब तरीके से मुड़ी हुई रहती है? अगर आपने इनमें से किसी भी सवाल का जवाब 'हां' में दिया है, तो आपके कूल्हे शायद आपकी गलत मुद्राओं और आदतों का खामियाजा भुगत रहे हैं. नतीजतन, आपको दर्द, अकड़न, मांसपेशियों में खिंचाव और जकड़न का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही, इन पर मोटी चर्बी भी अपनी जगह बना लेती है जिससे पूरे शरीर का शेप खराब हो जाती है.
हिप की चर्बी कम करने के लिए योगासन -
उत्कटासनउत्कटासन के लाभ
उत्कटासन (कुर्सी मुद्रा)
घुटनों और जांघों को टोन करता है.
टखनों और पिंडलियों को टोन करता है.
रीढ़, कूल्हों और छाती की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है.
नटराजासन नटराजासन (नृत्य मुद्रा) के लाभ
गर्दन, पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों और यहां तक कि पेट की मांसपेशियों को भी स्ट्रेच और टोन करता है.
रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है.
पाचन में सहायता करता है.
उष्ट्रासन उष्ट्रासन (ऊंट मुद्रा) करने के फायदे
कूल्हों के लिए यह व्यायाम हिप फ्लेक्सर्स को खोलता है और उनमें खिंचाव पैदा करता है.
जांघों से चर्बी कम करने में मदद करता है.
कंधों और पीठ को खींचता और मजबूत करता है.
रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करता है और मुद्रा में भी सुधार करता है.
नौकासन नौकासन (नाव मुद्रा) के फायदे
पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है.
पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है.
पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है.
पैर की मांसपेशियों को मजबूत करता है.
बद्धकोणासन (तितली मुद्रा)
जांघों के अंदरूनी हिस्से को स्ट्रेच करता है.
कमर के क्षेत्र में लचीलापन बढ़ाता है.
कूल्हे के क्षेत्र में लचीलापन बढ़ाता है.