भोपाल। जनवरी 2026 में भोपाल की एक जिला अदालत ने अभिनेता सैफ अली खान, उनकी मां शर्मिला टैगोर और उनकी बहनों के पक्ष में अहम फैसला सुनाते हुए करीब 16.62 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर उनके मालिकाना हक को बरकरार रखा है। यह विवाद भोपाल के नयापुरा क्षेत्र की बेशकीमती जमीन से जुड़ा था, जो लगभग 25–26 वर्षों से न्यायालय में लंबित था।
यह मामला वर्ष 1998 में उस समय सामने आया था, जब अकील अहमद सहित कुछ स्थानीय निवासियों ने दावा किया था कि भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान ने वर्ष 1936 में यह जमीन उनके पूर्वजों को दान में दी थी।
चौदहवें अपर सत्र न्यायाधीश संजय अग्रवाल की अदालत ने विपक्षी पक्ष की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि दान के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण या वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
अदालत में पटौदी परिवार की ओर से पेश किए गए राजस्व अभिलेखों में यह स्पष्ट हुआ कि जमीन लगातार नवाब परिवार के नाम पर दर्ज रही है। इसके अलावा, 1949 के भोपाल मर्जर एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज भी नवाब परिवार के स्वामित्व की पुष्टि करते हैं।
न्यायालय ने यह भी माना कि याचिकाकर्ताओं द्वारा दावा दायर करने में अत्यधिक और अनुचित देरी हुई, जो उनके पक्ष को कमजोर बनाती है। इसी आधार पर अदालत ने दावा अस्वीकार कर दिया।