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137 पुरुषों ने करवाई नसबंदी , परिवार नियोजन का स्थाई साधन है पुरुष नसबंदी

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रायपुर / शौर्यपथ / विगत दिनों जिले में 21 नवंबरसे 4 दिसंबर 2020 तक पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन दो चरणों में किया गया था । प्रथम चरण में मोबिलाइजेशन सप्ताह 21 से 27 नवंबर तक तथा द्वितीय चरण में 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक सेवा वितरण सप्ताह मनाया गया। यह अभियान` परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी, जीवन में लाए स्वास्थ्य और खुशहाली’ के नारे के साथ चलाया गया था ।पुरुष नसबंदी पखवाड़े के अंतर्गत रायपुर जिले में 137 पुरुषों ने परिवार नियोजन के स्थाई साधन पुरुष नसबंदी की सेवा ली है। ज़िले में पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मीरा बघेल के मार्गदर्शन में किया गया था ।
जिला मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे ने बताया, जिले में 21 नवंबर से 4 दिसंबर 2020 तक पुरुष नसबंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया था । कोविड-19 के सक्रमण काल में इसे सफल बनाने के लिए समस्त बीईटीओ (विकासखण्ड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारियों ) से समन्वय स्थापित किया गया । पखवाड़े की शुरूआत जागरूकता रथ के साथ-साथ वॉल-पेंटिंग के माध्यम से जागरूकता की गई । लक्ष्य दंपतियों के लिए ‘’मोर मितान मोर संगवारी” कार्यक्रम चलाकर पुरुष नसबंदी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया गया। साथ ही पूर्व में नसबंदी करा चुके दंपत्तियों के साथ बैठकर खुली चर्चा की गई । लक्ष्य दंपत्तियों को नसबंदी से होने वाले परिवार नियोजन के फायदे और नसबंदी की भ्रांतियों को दूर कर परामर्श दिया गया । गजेंद्र डोंगरे ने बताया, जिले के दो नसबंदी विशेषज्ञ डॉक्टर अरुण कुमार टोंडर और डॉक्टर संजय नवल ने चारों विकासखंड अभनपुर, आरंग, धरसीवा, तिल्दा और रायपुर अर्बन, बिरगांव एवं आयुर्वेदिक अस्पताल, जिला अस्पताल, में अपनी सेवाएं प्रदान की ।साथ ही मितानिन,एएनएम, आरएचओ, ने लक्ष्य दंपतियों के परामर्श और उत्साहवर्धन का कार्य किया । बिरगांव में 3, रायपुर अर्बन में 14, धरसीवा में 22, आरंग में 52, अभनपुर में 38, तिल्दा में 8 लोगों को मिलाकर कुल 137 पुरूषों ने परिवार नियोजन के स्थाई साधन पुरुष नसबंदी को अपनाया है।
परिवार नियोजन के लिए दी जाने वाली सेवाएं कोविड-19 के दिशा निर्देशों के अनुसार प्रदान की गई । वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान के साथ ही जिला एवं विकासखंड के अधिकारियों का क्षमतावर्धन भी किया गया था । शारीरिक दूरी एवं कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पखवाड़ा 21 नवंबर से 2 सप्ताह तक चला जिसमें मुख्यता वेसेक्टॉमी पर विशेष ध्यान केंद्रित किया ।
स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित हुई थी गतिविधियां
स्वास्थ्य केन्द्रों पर पुरुष नसबंदी सेवा और इसके फायदे को प्रदर्शित किया गया था। नसबंदी के तीन माह उपरांत जांच में शुक्राणु संख्या शून्य पाए जाने पर ही हितग्राहीको प्रमाण पत्र को प्रदान किया जाएगा ।नसबंदी पखवाड़े के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्देशित समस्त मानकों एवं दिशा निर्देशों का पालन समस्त स्तरों पर सुनिश्चित किया गया ।
मोबिलाइजेशन फेस में आयोजित हुई गतिविधियां
इस दौरान प्रचार रथ के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया गया ।साथ हीव्यक्तिगत चर्चा और पुरुष नसबंदी के फायदे हितग्राहियों को बताये गए। ‘मोर मितान मोर संगवारी’ का आयोजन कर पुरुष नसबंदी से संबंधित मिथकों को दूर करने के लिए परामर्श भी प्रदान किया गया। प्रचार प्रसार के लिए डिजिटल माध्यम के प्रयोग को भी बल दिया गया। प्रचार प्रसार के दौरान कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरी सावधानी रखी गयी कहीं भी अधिक भीड़ एकत्रित ना हो इसका भी ध्यान रखा गया था ।

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शौर्यपथ