शौर्यपथ /मंचूरियन और चिली पौटेटो जैसी कई डिशेज बनाने में कॉर्न स्टार्च (कॉर्न फ्लोर) का इस्तेमाल किया जाता है।वहीं, इसका इस्तेमाल ग्रेवी को गाढ़ा करने के साथ पकौड़े को क्रिस्पी बनाने के लिए भी किया जाता है। कई लोगों को कॉर्न स्टाच और मक्के के आटे में कंफ्यूजन होती है, कॉर्न फ्लोर नाम होने की वजह से वे इसे मक्के का आटा समझ लेते हैं।ऐसे में इन दोनों में अंतर समझन बहुत जरूरी है।आज हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे आसान तरीके से कॉर्न फ्लोर को घर पर बना सकते हैं।आइए, जानते हैं इसका तरीका-
मक्के का आटा और कॉर्न स्टार्च में अंतर :
कुछ लोग मक्के के आटे को ही कॉर्न फ्लोर समझ लेते हैं।मक्के का आटा कॉर्नमील फ्लोर होता है जबकि कॉर्न फ्लोर मक्की का स्टार्च होता है, इसलिए इसे कॉर्न स्टार्च भी कहते हैं। कॉर्न फ्लोर बनाने के लिए पहले मक्के के दाने से उसका छिलका हटाया जाता है और फिर उसे पाउडर की तरह पीसकर तैयार किया जाता है जबकि मक्की का आटा मक्के के दानों को सुखाकर पीसकर तैयार हो जाता है। यह पीले या सफेद रंग का होता है।यह दरदरा या बारीक रूप में मिलता है जबकि कार्न फ्लोर सफेद या हल्के पीले रंग के पाउडर फार्म में मिलता है।
कॉर्न स्टार्च कैसे बनाएं :
सबसे पहले मक्के को थोड़ा पानी में डाल दें और उसे 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें।
फिर उसे छान लें और उसमे थोड़ा सा पानी डालकर अच्छे से पीस लें.
फिर उसे किसी बर्तन में छान लें और उसे 10 मिनट के छोड़ दें।
उसके कचड़े को किसी और बर्तन में निकाल लें.
10 मिनट बाद उसे किसी पतले कपड़े से फिर छान लें.
फिर उस पानी को 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें।
इसमें से कचरे को निकाल कर अलग रख दें।
फिर धीरे-धीरे करके पानी को गिरा दें।
फिर किसी सूखे कपड़े या टिश्यू पेपर से बचे हुए पानी को निकाल दें.
फिर इसे किसी प्लेट में निकाल लें और उसे सूखने के लिए डाल दें।
सूखने के बाद इसे मिक्सी जार में पीस लें।
हमारा कॉर्न फ्लॉर बनकर तैयार है।
इस कॉर्न फ्लोर को आप किसी शीशे के डिब्बे में रखकर तीन महीने तक इस्तेमाल कर सकते है।