Print this page

पौष पूर्णिमा कब है? जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं

  • rounak group

धर्म संसार / शौर्यपथ / हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पौष माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहते हैं। इस साल पौष पूर्णिमा तिथि 28 जनवरी 2021 (गुरुवार) को है। पूर्णिमा के दिन शास्त्रों में दान, तप और स्नान का महत्व बताया गया है। पूर्णिमा की तिथि चंद्रमा को प्रिय होती है और इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है। पौष पूर्णिमा के दिन काशी, प्रयागराज और हरिद्वार में गंगा स्नान का महत्व होता है।
पौष पूर्णिमा तिथि व मुहूर्त-
पूर्णिमा तिथि आरंभ- 28 जनवरी 2021 गुरुवार को 01 बजकर 18 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 29 जनवरी 2021 शुक्रवार की रात 12 बजकर 47 मिनट तक।
पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं-
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चावल का दान करना शुभ होता है। चावल का संबंध चंद्रमा से होता है और पूर्णिमा के दिन चावल का दान करने से चंद्रमा की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है।
2. पूर्णिमा के दिन पानी में गंगाजल मिलाकर कुश हाथ में लेकर स्नान करना चाहिए।
3. पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए। घर के मेनगेट पर आम के पत्तों की तोरण बांधनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
4. पूर्णिमा के दिन भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
5. पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि पीपल में मां लक्ष्मी का वास होता है।

पूर्णिमा के दिन इन बातों का रखना चाहिए ध्यान-

1. पुराणों में पूर्णिमा का दिन बेहद पवित्र माना गया है। कहते हैं कि इस दिन लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. पूर्णिमा के दिन ब्रह्यचर्य का पालन करना चाहिए।
3. पूर्णिमा के दिन परिवार में सुख-शांति बनाकर रखनी चाहिए। किसी को इस दिन कटु वचन नहीं बोलने चाहिए।
4. इस दिन दरवाजे पर आने वाले गरीब या जरुरतमंद को अपनी सामर्थ्य के हिसाब से दान देना चाहिए।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ