शौर्यपथ / प्रतिवर्ष मार्च माह के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस (डब्ल्यूकेडी) मनाया जाता है। वर्ष 2021 में यह दिन 11 मार्च, गुरुवार को मनाया जा रहा है। यह विश्वभर में किडनी रोग और उससे संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रभाव को कम करने और उसके बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस दिन की शुरुआत की गई। किडनी से जुड़ी बीमारियों की अगर समय रहते पहचान नहीं की गई तो यह जानलेवा साबित हो सकती है।
किडनी हमारे शरीर का वह अंग है जो गंदगी बाहर निकालने का काम करती हैं। दोनों किडनियों में छोटे-छोटे लाखों फिल्टर होते हैं जिन्हें नेफरोंस कहते हैं। नेरोफेंस हमारे खून को साफ करने का काम करते हैं। किडनी में किसी प्रकार की समस्या होने पर शरीर से विषैले पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते जिससे कई रोग पैदा हो सकते है।
इन रोगों से बचने के लिए आइए, जानते हैं 7 ऐसे लक्षण जो किडनी के खराब होने का संकेत देते हैं -
1 युरिनरी फंक्शन में बदलाव : सबसे पहला लक्षण जो उभर कर आता है वह है युरिनरी फंक्शन में बदलाव। किडनी में किसी प्रकार की समस्या के चलते पेशाब के रंग, मात्रा और कितने बार पेशाब आती है, इन चीजों में बदलाव आने लगते है।
2 शरीर में सूजन आना : जब किडनियों की कार्यप्रणाली में कोई दिक्कत आती है तो शरीर से बाहर न निकलने वाली गंदगी और तरल पदार्थ समस्याएं उत्पन्न करते हैं। जिनसे शरीर में सूजन आ जाती है। यह सूजन हाथों, पैरों, जोड़ों, चेहरे और आंखों के नीचे हो सकती है। अगर आप अपनी त्वचा को उंगली से दबाएं और डिम्पल थोड़ी देर तक बने रहें तो डॉक्टर के पास जाने में देर न करें।
3 चक्कर आना और कमजोरी : जब किडनियों की कार्यप्रणाली में अवरोध होता है, तो आपको चक्कर आने की अशंका बढ़ जाती है। पूरे समय आप थकावट महसूस करते हैं और कमजोरी का एहसास होता है। ये लक्षण खून की कमी और गंदगी के शरीर में जमा होने से उत्पन्न हो सकते हैं।
4 पीठ दर्द का कारण न समझ पाना : आपकी पीठ और पेट के किनारों में बिना वजह दर्द महसूस होना, किडनी में इंफेक्शन या किडनी संबंधी बिमारियों के लक्षण हो सकते हैं।
5 स्किन खुरदुरी हो जाना और खुजली होना : अचानक त्वचा का फटना, रेशेज होना, अजीब लगना और बहुत ज्यादा खुजली महसूस होना शरीर की गंदगी के एकत्रित होने के परिणाम हो सकते हैं। किडनी के निष्प्रभावी हो जाने से शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस की मात्रा प्रभावित होती है, जिससे अचानक से बहुत ज्यादा खुजली होने लगती है। आमतौर पर स्वस्थ त्वचा भी फटने लगती है, खुरदुरी हो जाती है और खुजली होती है।
6 उल्टियां आना : किडनी से जुड़ी समस्याओं के परिणामस्वरूप उल्टी आने जैसे लक्षण आम बात हो जाते हैं। इसके अलावा गैस से जुड़ी समस्याएं हर सुबह सामने आती हैं। अगर आप उल्टी के दवाईयां लेने के बाद भी समस्या को जस की तस पाएं तो फौरन डॉक्टर से पूरा चेकअप करवाएं ।
7 ठंड लगना : अच्छे मौसम के बावजूद अजीब-सी ठंड लगना और कभी-कभी ठंड लगकर बुखार भी आ जाना भी इसके लक्षणों में शामिल है। आपके तापमान अधिक होने पर भी ठंड का एहसास हो तो डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है।
Herbal Tea
सेहतमंद रहने के लिए शरीर का अंदर से साफ और मजबूत होना बेहद जरूरी है। हमारी किडनी शरीर को अंदर साफ रखती है। लेकिन हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम भी उसका ध्यान रखें और उसे समय-समय पर डिटॉक्स करते रहें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कुछ हर्बल चाय के बारे में जिसका नियमित सेवन कर आप अपने लिवर और किडनी को डिटॉक्स कर सकते हैं।
गुड़हल की यह चाय आपके लिवर को स्वस्थ व सुरक्षित रखती है और अवांछित तत्वों को बाहर करने में मदद करती है। इसका नियमित सेवन आपको लिवर संबंधी बीमारियों से दूर रखता है।
दालचीनी की चाय किडनी और लिवर को साफ यानी डिटॉक्स करने के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। इससे आप अपनी सुबह की शुरुआत कर सकते हैं।
चुकंदर की चाय एक बेहतरीन किडनी क्लींजर है और यह आपके लिवर के स्वास्थ्य को भी बेहतर करेगा। चुकंदर का रस एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो फ्री रेडिकल्स को दूर करता है। यह गुर्दे की पथरी को बाहर निकालने में भी मदद करता है।
औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी का सेवन न सिर्फ किडनी को डिटॉक्स करने में मदद करता है, बल्कि इससे सूजन की समस्या भी दूर होती है। वहीं हल्दी ब्लडप्रेशर को कम करती है, जो गुर्दे की बीमारी का दूसरा प्रमुख कारण है।
यही नहीं, यह किडनी के कार्य को भी बेहतर करती है। लेकिन गर्मी में हल्दी की चाय शरीर में ज्यादा गर्मी कर सकती है, ऐसे में गर्मी के मौसम में इसका सेवन न करना ही ठीक माना जाता है।