सेहत /शौर्यपथ / सांस लेना जीवन का आधार है इसके बावजूद हम फेफड़ों की हिफाजत के लिए सजग नहीं। हम लंग्स की वजह से सांस लेते हैं और ये सही तरीके से काम करते रहें इसके लिए कोई एफर्ट नहीं करते। कोरोना वायरस लंग्स डैमेज कर रहा है। ऐसे में डॉक्टर्स ब्रीदिंग एक्सरसाइज और प्राणायाम की सलाह दे रहे हैं। अगर अभी तक आपने इस पर ध्यान नहीं दिया है तो अब ब्रीदिंग एक्सरसाइज करके फेफड़ों को मजबूत बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ब्रीदिंग एक्सरसाइज से सिर्फ फेफड़े मजबूत ही नहीं होते बल्कि स्ट्रेस भी कम होता है। कई तरीके वजन और फैट कम करने में भी कारगर होते हैं। यहां जानते हैं घर पर ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के आसान तरीके...
उम्र के साथ घटती हैं फेफड़ों की क्षमता
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, फेफड़ों की काम करने की क्षमता घटने लगती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि 20 साल की उम्र से हमारे लंग्स की कैपेसिटी धीरे-धीरे कम होने लगती है। अगर आपको सांस से जुड़ी समस्याएं हैं जैसे क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज तो फेफड़ों की कार्य क्षमता और तेजी से घटती है। कोरोना वायरस लंग्स डैमेज कर रहा है और ऑक्सीजन कम होने पर कई लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में घबराएं नहीं और सजग रहें। आप घर पर ही कुछ ब्रीदिंग एक्सर्साइज करना शुरू कर सकते हैं।
पहला तरीका
किसी सपोर्ट के साथ सीधे बैठ जाएं या पीठ के बल लेट जाएं। एक हाथ छाती पर रखें और दूसरा पेट पर। नाक से सांस लें। सांस लेते वक्त ध्यान रखें कि आपका पेट बाहर की ओर आए और छाती वैसी ही रहे। सांस धीरे-धीरे 2 सेकेंड तक बाहर छोड़ें। इस दौराना आपका पेट अंदर की ओर जाना चाहिए। रिपीट करें।
दूसरा तरीका
ऊपर बताई गई पोजिशन में ही बैठें। नाक से धीरे-धीरे सांस लें। मुंह से धीरे-धीरे सांस बाहर निकालें। ध्यान रहे इस दौरान होंठ से पाउट बनाएं या सीटी बजाने की मुद्रा में हों। आपको सांस लेने में जितना वक्त लगा था, सांस छोड़ने में लगभग दोगुना वक्त लगाएं। रिपीट करें। दिन में 3 बार ऐसा कर सकते हैं।
अनुलोम विलोम
क्रॉस लेग पोजीशन में बैठ जाएं। बाएं नॉस्ट्रिल (नथुने) से सांस लें। इस दौरान दांए नॉस्ट्रिल को अंगूठे से बंद रखें। इस क्रिया को अनुलोम कहते हैं। अब दाएं नॉस्ट्रिल से सांस छोड़ें और बाएं को बंद रखें। इसको विलोम कहते हैं। अब फिर से दाएं नॉस्ट्रिल से सांस लें और प्रक्रिया जारी रखें। ध्यान रखें अंदर सांस लेने और छोड़ने का अनुपात 1:2 होगा।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज के ये भी हैं फायदे
-ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से स्ट्रेस कम होता है
-आप रिलैक्स होते हैं
-एकाग्रता बढ़ती है
-एनर्जी लेवल बढ़ता है
-नींद अच्छी आती है
कम होता है बॉडी फैट
PubMed Central में छपी जापान की एक स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों ने 'Senobi' ब्रीदिंग टेक्नीक को 1 महीने तक फॉलो किया उनका बॉडी फैट कम हुआ। इस प्रक्रिया में हाथ उठाकर गहरी सांस लेना होता है और ऐसा करते वक्त पीछे की ओर झुकना होता है।