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मेरी मम्‍मी कहती हैं परांठे से बेहतर है पूड़ी, आइए पता करते हैं ऐसा क्‍यों है

  • rounak group

लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / इस दिन ज्‍यादातर घरों में हलवा पूड़ी बनाकर नवरात्रि का समापन किया जाता है। मुझे अकसर लगता है कि इतना फैट भरा खाना खाने की आखिर जरूरत क्‍या है। इस पर मम्‍मी अकसर डांट देती हैं कि कभी-कभी शरीर को फैट की भी जरूरत होती है। और पूड़ी तुम्‍हारे पसंदीदा भरवां परांठों से ज्‍यादा हेल्‍दी होती है।
यही तर्क देकर मेरी मम्मी अक्सर सुबह नाश्ते में स्‍टफ परांठे की बजाए पूड़ी बना देती हैं। अब मैंने सोचा क्‍यों न मम्‍मी के दावे पर थोड़ी सी रिसर्च कर ली जाए।
आइए पता करते हैं पूड़ी और परांठे में से क्‍या है बेहतर
पहले जानते हैं परांठे की कैलोरीज?
परांठे खाना सबको पसंद होता है और अगर उसमें कुछ भरावन हो तो यह और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगते हैं। जिस तरह अलग-अलग परांठों के विभिन्न स्वाद होते हैं, उसी तरह उनकी कैलोरी भी इनमें डालने वाली सामग्री पर निर्भर करती है जैसे-
आलू परांठे में 201.1 कैलोरी
पनीर परांठे में 238.5 कैलोरी
गोभी परांठे में 186.4 कैलोरी
मूली परांठे में 120 कैलोरी
मेथी परांठे में 90.7 कैलोरी
यदि आप परांठे खाने की शौकीन हैं, तो आपके लिए वज़न घटाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यदि आप नाश्ते में परांठे का सेवन करती हैं, तो सादा परांठे का सेवन करें या मॉडरेशन में खाएं। परांठे बटर में न सेक कर घी में बनाएं। इसके साथ फैट फ्री दही लें। तभी यह आपके लिए एक अच्छा और हेल्दी विकल्प बन सकता है।
अब पता लगाते हैं पूड़ी की कैलोरीज के बारे में
पूड़ी एक भारतीय व्यंजन है, जिसे आमतौर पर नाश्ते के रूप में खाया जाता है। लोग इसे अक्सर उपवास में या सफर के दौरान खाते हैं। पूड़ी को भारत में विशेष अवसरों और त्योहारों पर भी बनाया जाता है। यह आटे से बनती है और डीप फ्राई की जाती है। इसलिए इसमें, फैट और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है।
एक परांठे में 101 से 120 कैलोरी तक होती हैं। जिसमें से 30 कैलोरी कार्बोहाइड्रेट की होती है, प्रोटीन में 5 कैलोरी होती है और शेष कैलोरी वसा की होती है। एक पूड़ी 2,000 कैलोरी के एक मानक वयस्क आहार की कुल दैनिक कैलोरी आवश्यकता का लगभग 5 प्रतिशत प्रदान करता है।
तो पूड़ी और परांठे में क्‍या है बेहतर
पूड़ी की तुलना में परांठा ज्यादा तेल सोखता है। चूंकि आमतौर पर परांठे को धीमी आंच पर पकाया जाता है। जबकि पूड़ि‍यां कम तेल सोखती हैं, क्योंकि इन्हें तेज़ आंच पर पकाया जाता है और पूड़ी तेल की सतह पर तैरती है।
हालांकि, पूड़ी डीप फ्राई की जाती है, फिर भी यह एक परांठे के मुकाबले कम तेल सोखती है। इसकी वजह इसमें आटे की एक ही परत का होना है। वहीँ पराठा अपनी परतों के भीतर भी तेल सोख लेता है।
मगर यह बात केवल घर पर बनी पूड़ी के बारे में ही कही जा सकती है। बाहर होटलों और ढाबों में मिलने वाली पूड़ी घर पर बनी पूड़ी की तरह हेल्‍दी नहीं होती। उसे तलने में पुराना तेल इस्तेमाल किया जाता है। घर पर पूड़ी बनाते समय भी यह ध्‍यान रखें कि तेल को ओवरहीट न करें। एक बार इस्‍तेमाल होने के बाद तेल का दोबारा इस्‍तेमाल न करें।
दोनों व्यंजनों में फैट और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए, मॉडरेशन में इसका सेवन करना बेहतर है।

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शौर्यपथ