आस्था /शौर्यपथ / गंगा दशहरा का पर्व दान का पर्व है। इस दिन गर्मी से जुड़ी चीजें जैसे शर्बत, पानी और मौसमी फल आदि का दान किया जाता है। इस साल यह पर्व 20 जून को गंगा दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इस दिन गंगा में स्नान करें और स्नान के बाद देवी गंगा की आरती और विशेष पूजा की जाती है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन रामेश्वरम में भगवान श्रीराम ने शिवलिंग की स्थापना की थी।
ऐसा कहा जाता है कि आज के दिन गंगा स्नान से कई यज्ञ करने के बराबर पुण्य प्राप्त होते हैं, लेकिन कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन शर्बत, पानी, मटका, पंखा, खरबूजा, आम. चीनी आदि चीजें दान की जाती हैं। ऐसा कहा जाता है कि व्यक्ति इस दिन जिस भी चीज का दान करते हैं वो संंख्या में 10 होनी चाहिए।
गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त
दशमी तिथि आरंभ- 19 जून 2021 को शाम 06 बजकर 50 मिनट पर
दशमी तिथि समापन – 20 जून 2021 को शाम 04 बजकर 25 मिनट पर रहेगा
गंगा दशहरा पूजा- विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इस बार कोरोना वायरस की वजह से गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, इसलिए घर में रहकर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर मां गंगा का ध्यान कर स्नान करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
इस दिन मां गंगा का अधिक से अधिक ध्यान करें।
इस दिन दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
घर में रहकर ही मां गंगा की आरती करें।
मां गंगा आरती
ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता।
ॐ जय गंगे माता...
चन्द्र-सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता।
ॐ जय गंगे माता...
पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता।
कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता।
ॐ जय गंगे माता...
एक ही बार भी जो नर तेरी शरणगति आता।
यम की त्रास मिटा कर, परम गति पाता।
ॐ जय गंगे माता...
आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता।
दास वही जो सहज में मुक्ति को पाता।
ॐ जय गंगे माता...
ॐ जय गंगे माता...।।
गंगा दशहरा का महत्व
इस पावन दिन मां गंगा की पूजा- अर्चना करने से सभी तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है।
मां गंगा की पूजा अर्चना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।