गहराइयां रिलीज हो गई है. दीपिका पादुकोण, सिद्धांत चतुर्वेदी, अनन्या पांडे और धैर्य करवा मेन एक्टर हैं और शकुन बत्रा ने फिल्म को डायरेक्ट किया है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
गहराइयां' रिलीज हो गई है. दीपिका पादुकोण, सिद्धांत चतुर्वेदी, अनन्या पांडे और धैर्य करवा मेन एक्टर हैं और शकुन बत्रा ने फिल्म को डायरेक्ट किया है. फिल्म को लंबे समय से रिश्तों की जटिलता पर बनी फिल्म कहकर प्रमोट किया जा रहा था. फिल्म के ट्रेलर ने जमकर सुर्खियां भी बटोरी थीं. लेकिन 148 मिनटों की यह फिल्म मनोरंजन के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम साबित होती है. फिल्म में डायरेक्टर किस बात पर फोकस करना चाहते हैं, या वह क्या कहना चाहते हैं. वह भी साफ नहीं हो पाता है. इस तरह 'गहराइयां' में कहानी, डायरेक्शन और एक्टिंग के मामले में उथलापन ही नजर आता है.
फिल्म की कहानी दीपिका पादुकोण की है. उनका एक अतीत हैं. उनके परिवार में कुछ ऐसा हुआ है, जिसका दंश उनकी जिंदगी पर साफ नजर आता है. उनका एक बॉयफ्रेंड धैर्य करवा है. उनके कजिन अनन्या पांडे हैं और उसका बॉयफ्रेंड सिद्धांत चतुर्वेदी है. दीपिका और धैर्य की जिंदगी कई मुश्किलों से गुजर रही है. ऐसे में दीपिका को सिद्धांत में एक उम्मीद दिखती है, और दोनों के बीच संबंध बन जाते हैं. लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा होता है कि दीपिका पादुकोण की जिंदगी में भूचाल आ जाता है. लेकिन रिश्तों का मकड़जाल बुनने के चक्कर में डायरेक्टर कहानी को बहुत ज्यादा खींच डालते हैं. कहानी कतई इम्प्रेसिव नहीं है. कैरेक्टर भी सही से स्थापित नहीं हो पाते हैं. इस तरह कमजोर कहानी पर बुनी गई 'गहराइयां' किसी भी तरह से कनेक्ट करने में असफ्ल रहती है.
फिल्म का फोकस पूरी तरह से दीपिका पादुकोण पर रहा है. पूरी फिल्म उन्हीं के ईर्द-गिर्द बुनी गई है. उन्होंने ठीक-ठाक काम किया है, लेकिन इस रोल में वह इम्प्रेस करने में चूक जाती हैं. फिर अनन्या पांडे के लिए करने को बहुत कुछ है नहीं. सिद्धांत चतुर्वेदी ने ठीक-ठाक काम किया है. इस तरह से फिल्म किसी भी मोर्चे पर वाउ फैक्टर नहीं लिए हुए है.