मनोरंजन /शौर्यपथ / अभिनेता, निर्माता-निर्देशक सतीश कौशिक का जन्म 13 अप्रैल 1956 को हुआ। फिल्मों और टीवी पर आने से पहले वह थियेटर से जुड़े हुए थे। अपने करियर में सतीश कौशिक ने कई यादगार रोल निभाए। चाहे वो ‘मिस्टर इंडिया’ में ‘कैलेंडर’ हो या फिर ‘दीवाना मस्ताना’ में ‘पप्पू पेजर’ का रोल हो, दर्शक आज भी उन्हें इन्हीं नामों से याद करते हैं। तो चलिए सतीश कौशिक के जन्मदिन पर बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर किया था डेब्यू
सतीश कौशिक ने अपने करियर की शुरुआत बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर शेखर कपूर की फिल्म ‘मासूम’ (1983) से की थी। उन्होंने इस फिल्म में अभिनय भी किया था। क्लासिक फिल्म ‘जाने भी दो यारों’ में सतीश कौशिक ने अभिनय के साथ-साथ डायलॉग लिखे और फिल्म को असिस्ट भी किया।
मील का पत्थर साबित हुई ‘मिस्टर इंडिया’
1987 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इसमें उन्होंने ‘कैलेंडर’ बनकर सभी को हंसा-हंसाकर लोट पोट कर दिया। इसके बाद उन्होंने ‘राम लखन’, ‘स्वर्ग’, ‘अंदाज’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘दीवाना मस्तानाट, ‘आंटी नंबर 1’, ‘हम आपके दिल में रहते हैं’, ‘हसीना मान जाएगी’, ‘उड़ता पंजाब’, ‘भारत’, ‘बागी 3’ और ‘कागज’ सहित अनेक फिल्मों में काम किया।
हाल ही में सतीश कौशिक वेब सीरीज ‘स्कैम 1992’ में नजर आए। इसमें एक बार फिर से उन्होंने अपने अभिनय से सभी को प्रभावित किया।
इन फिल्मों को किया निर्देशित
अभिनय के अलावा सतीश कौशिक की रुचि हमेशा से निर्देशन के क्षेत्र में भी रही। 1993 में उनकी पहली फिल्म ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ रिलीज हुई। फिल्म में उनके साथ ‘मिस्टर इंडिया’ की जोड़ी श्रीदेवी और अनिल कपूर मुख्य भूमिका में थे। इसके बाद सतीश कौशिक ने ‘हम आपके दिल में रहते हैं’, ‘हमारा दिल आपके पास है’, ‘तेरे नाम’, ‘मिलेंगे मिलेंगे’ और ‘कागज’ सहित अन्य का निर्देशन किया।
टीवी पर भी रहे हिट
सतीश कौशिक ने टेलीविजन के लिए भी काफी काम किया है। वे टीवी के मशहूर काउंटडाउन शो ‘फिलिप्स टॉप 10’ प्रस्तुत करते थे। उनके साथ इसमें अभिनेता पंकज कपूर थे। दोनों ही अभिनेता दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ते थे। जहां पंकज कपूर सतीश कौशिक के सीनियर थे।
वजन कम कर पेश की मिसाल
साल 2018 में सतीश कौशिक अपने वजन कम करने को लेकर चर्चा में आए। उन्होंने करीब 25 किलो वजन कम करके एक मिसाल कायम की। बढ़े वजन की वजह से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।