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साइबर आतंकवाद की जिम्मेदार भाजपा की सरकारें - कांग्रेस Featured

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न्यायिक जांच की मांग से हो रही है सिट्टी-पिट्टी हो रही है गुम
बिना देर किये देश में पेगासस से की गई जासूसी की न्यायिक जांच कराये सरकार

रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि साइबर आतंकवाद की जिम्मेदार भाजपा की सरकारें है। फ्रांस, मेक्सिको, स्वयं इजराइल ने अपने देश की कंपनी एजेंसियों के पेगासस सॉफ्टवेयर के द्वारा दुनियाभर में हुयी जासूसी की जांच करवाने की घोषणा की है। इस साफ्टवेयर का दुरूपयोग मेक्सिको में एक पत्रकार की हत्या और सउदी अरब में दूसरे देश के दूतावास में एक वरिष्ठ पत्रकार की हत्या जैसे जघन्य मामलों में किया गया भारत में स्वयं मोदी केबिनेट के सदस्यों, सीबीआई के प्रमुख, मुख्य चुनाव आयुक्त, जाने माने पत्रकारों, विपक्षी नेताओं, राहुल गांधी और उनके स्टाफ के नंबरों की हैकिंग पेगासस के द्वारा किये जाने की जानकारी सार्वजनिक हुयी है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि न्यायिक जांच से भाजपा की सिट्टी-पिट्टी गुम हो रही है।
पेगासस से जुड़े लोगों के छत्तीसगढ़ आने और यहां पुलिस प्रशासन के बड़े पदों में बैठे कुख्यात लोगों से न केवल मिलने की जानकारी मिली है बल्कि पेगासस से जुड़ी फाइले 2018 में सरकार बदलते ही बीटीआई मैदान शंकर नगर में जलाई गई। हर सबूत मिलने की साजिश रची गयी। एनएसओ कंपनी चाहे जैसे दावे करती रहे कि यह सॉफ्टवेयर सिर्फ आतंक और अपराध रोकने के लिये और ड्रग माफिया को रोकने के लिये इस्तेमाल किया जाता है। यह जाहिर है कि इसका इस्तेमाल सरकारों ने अपने विरोधियों के खिलाफ किया है और ऐसी ताकत रखने वाला घुसपैठिया सॉफ्टवेयर दुनियाभर में लोकतंत्र को खत्म कर सकता है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि लोकतंत्र के हित में कांग्रेस की मांग है कि सरकार को तो इस बारे में बिना देर किए सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में न्यायिक जांच की घोषणा करनी चाहिए। इससे देश की सरकार अपनी खुद की साख भी बचा सकती है। दुनिया के सभी जिम्मेदार लोकतंत्रों में सरकारों को एक पहल करनी चाहिए कि इस किस्म के घुसपैठिए सॉफ्टवेयर पर रोक लगाई जाए जो कि लोगों की आजादी, लोगों को प्राइवेसी को खत्म कर सकते है। भारत में डाटा प्राइवेसी कानून देश के हर नागरिक और संस्थान को उसके डेटा की सुरक्षा देने के लिये बनाया गया है और जब लोगों के टेलीफोन पर घुसपैठ करके इस तरह से डाटा चोरी किया गया तो उसको जांच और उस पर कार्रवाई भी केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है, केन्द्र सरकार में अभी तक इस मामले की जांच के बारे में कुछ भी नहीं कहा है।
सरकार का संसद के भीतर और संसद के बाहर बयान बहुत ही गोलमाल शब्दों का बयान आया है, जिसमें सरकार ना तो इस साफ्टवेयर के इस्तेमाल की बात मंजूर कर रही है और ना ही इसे इस्तेमाल करने का खंडन कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि नेशनल सिक्यूरिटी कांउसिंल का सचिवालय का यूपीए के वक्त बजट 2011 में 17 करोड़ 43 लाख था। यह बजट मोदी सरकार बनने के बाद 2014-15 में 33 करोड़ कर दिया गया और फिर 2017-18 में 33 करोड़ से बढ़ाकर 333 करोड़ कर दिया। चुनाव के ठीक पूर्व 300 प्रतिशत बजट बढ़ाना मोदी सरकार की जासूसी वाली नीति और नीयत को दर्शाता है। मोदी सरकार स्पष्ट करें कि यह बजट पेगास स्पाइवेयर खरीदने और राजनैतिक उद्देश्यों से उसके दुरूपयोग करने के लिये तो नहीं बढ़ाया गया है।

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