September 06, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1233)

    NIA की जांच पर दंतेवाड़ा कांग्रेस ने उठाए सवाल, पूछा- गणपति और रमन्ना समेत 26 नाम चार्जशीट से क्यों हटाए गए? आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली नेताओं से पूछताछ क्यों नहीं हुई?

    शौर्यपथ संवाददाता-कृष्णा मंडल

    दंतेवाड़ा । झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने जांच और कार्रवाई की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने फैसले को “आधा-अधूरा न्याय” बताते हुए आरोप लगाया कि झीरम नरसंहार के पीछे कथित रूप से मौजूद बड़े नक्सली नेताओं और राजनीतिक षड्यंत्र का सच अब तक सामने नहीं आया है।
    जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शकील रिज़वी ने कहा कि कांग्रेस अदालत के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन अदालत के सामने एनआईए ने जो तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत किए, फैसला उन्हीं के आधार पर आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनआईए की जांच शुरू से ही दिशाहीन रही और घटना के राजनीतिक षड्यंत्र से जुड़े पहलू की गंभीरता से जांच नहीं की गई।
    उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी वारदात केवल छोटे स्तर के नक्सली कैडरों के भरोसे संभव नहीं थी। ऐसे में बड़े नक्सली नेताओं की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए थी।

    गणपति और रमन्ना के नाम चार्जशीट से हटाने पर सवाल
    कांग्रेस ने एनआईए की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि शुरुआती एफआईआर में जिन प्रमुख नक्सली नेताओं गणपति और रमन्ना के नाम शामिल थे, उनके नाम बाद की चार्जशीट से क्यों हटा दिए गए?
    कांग्रेस नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि एनआईए द्वारा वांछित और फरार घोषित किए गए कई नक्सली बाद में आत्मसमर्पण कर चुके हैं, तो झीरम मामले में उनसे पूछताछ क्यों नहीं की गई? पार्टी ने मांग की कि आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली नेताओं से घटना के संबंध में पूछताछ कर उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

    26 फरार आरोपियों के नाम हटने पर भी उठे सवाल
    पीसीसी संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा ने कहा कि एनआईए की शुरुआती कार्रवाई और बाद में प्रस्तुत चार्जशीट के बीच कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब अब तक नहीं मिला है। उन्होंने सवाल किया कि गणपति और रमन्ना सहित 26 फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद बाद की चार्जशीट से उनके नाम क्यों हटाए गए?
    उन्होंने कहा कि झीरम मामले की जांच को केवल एक स्तर तक सीमित करने के बजाय घटना की पूरी साजिश और इसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका सामने लाने की जरूरत है।

    परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा और मार्ग बदलने पर भी सवाल
    कांग्रेस नेताओं ने परिवर्तन यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई गई, यात्रा का मार्ग किसने और क्यों बदला, हमले की योजना किसने बनाई और सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई?
    पार्टी ने आरोप लगाया कि हमले में घायल हुए और जीवित बचे प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी जांच में अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया।

    देवती कर्मा ने भाजपा पर साधा निशाना
    पूर्व विधायक देवती महेंद्र कर्मा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की तत्कालीन सरकार से लेकर मौजूदा व्यवस्था तक झीरम के पूरे सच को सामने लाने में गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच को भी आगे नहीं बढ़ाया गया।
    देवती कर्मा ने आरोप लगाया कि बड़े नक्सली नेताओं को जांच के दायरे में नहीं लाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

    ‘पूरा सच सामने आने तक जारी रहेगी न्याय की लड़ाई’
    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झीरम केवल एक नक्सली हमला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के इतिहास का ऐसा गहरा जख्म है, जिसका पूरा सच अब भी सामने आना बाकी है। पार्टी का कहना है कि जब तक हमले के वास्तविक षड्यंत्रकारियों, कथित राजनीतिक साजिश और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तमाम सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक कांग्रेस न्याय की लड़ाई जारी रखेगी।
    पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव तूलिका कर्मा, जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा, जिला महामंत्री मनीष भट्टाचार्य, प्रवीण राणा, मनोज मालवीय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रा शर्मा, दंतेवाड़ा ब्लॉक कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुमित्रा शोरी, जिला सचिव जितेंद्र कश्यप और मनोज कौरव सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

      रायपुर । छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत दुर्ग संभाग के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों एवं जिला मास्टर ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू तथा सह प्रभारी सचिव एस. संपत और विजय जांगिड़ की मौजूदगी में हुआ।

    कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

    संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने पर जोर

    प्रशिक्षण शिविर के दौरान कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की भूमिका को प्रभावी करने और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाने सहित विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर मार्गदर्शन एवं विचार-विमर्श किया गया।

    प्रशिक्षण में ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को संगठन की कार्यप्रणाली, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय और जनता से जुड़े मुद्दों को संगठन के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाने को लेकर जानकारी दी जा रही है।

    पहले दिन इन वक्ताओं ने दिया प्रशिक्षण

    प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, प्रशिक्षण प्रभारी युगल पांडे तथा कनेक्ट सेंटर के को-चेयरमैन अशोक चतुर्वेदी ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया।

    वक्ताओं ने संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने के लिए ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया।

    बस्तर के बाद अब अन्य संभागों की बारी

    कांग्रेस की ओर से बताया गया कि इससे पहले बस्तर संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा हो चुका है। दुर्ग संभाग के प्रशिक्षण के बाद अगले चरण में बिलासपुर, सरगुजा और रायपुर संभाग के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
    संगठन सृजन अभियान के तहत चलाए जा रहे इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को जिला, ब्लॉक और जमीनी स्तर तक अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाना है।

    रायपुर/ / शौर्यपथ /

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में अवैध रेत की काली कमाई पर्यावरण और कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर संकट बन चुकी है। सामान्य तौर पर 15 जून से 15 अक्टूबर तक रेत उत्खनन में पूर्ण प्रतिबंध रहता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में रेत माफिया मानसून (बारिश) के दौरान भी नदी से खनन कर रहे हैं, नदियों में पनडुब्बी मशीने लगाकर रेत निकाला जा रहा है, रोक लगने से पहले भी भारी मात्रा में अवैध रेत निकालकर खेतों, गांवों और नदी के कैचमेंट एरिया के पास, सड़कों के किनारे और गोठानों की सरकारी जमीनों में बड़े-बड़े पहाड़ जैसे अवैध भंडारण (स्टॉक) खड़े कर दिए गए हैं ताकि बाद में उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा सके। हालिया मामले रायपुर जिले के समोदा, कुरुद और करमंदी इलाकों में महानदी को बुरी तरह काटकर रेत के ऊंचे पहाड़ बना दिए गए हैं। बिलासपुर में अरपा और शिवनाथ नदी के पास, जशपुर की शंख नदी और बलौदाबाजार में भी बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण पकड़ा गया है। दुर्ग में शिवनाथ, बिलासपुर में अरपा, मनियारी, गरियाबंद में पैरी और बस्तर में शबरी, शंखनी, डंकनी, नारंगी और इंद्रावती में भी यही हाल है।
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि रेत के अवैध करोबारियों को भाजपा सरकार का संरक्षण है, इन्हीं की मिलीभगत से छत्तीसगढ़ से अवैध रेत सीमावर्ती राज्यों में बड़े पैमाने पर खपाएं जा रहे हैं। झारखंड की अंतर्राज्यीय सीमा, यूपी, उड़ीसा, आंध्र, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक रेत तस्कर सक्रिय हैं। ये तस्कर गिरोह संगठित रुप से नदी का सीना छलनी कर रेत का खनन कर रहे है। अवैध उत्खनन से लेकर उसके भंडारण और परिवहन तक को रोकने में यह सरकार नाकाम है। रेत माफियाओं का साम्राज्य फैलता जा रहा है, इनका खौफ इतना ज्यादा है कि इसके विरोध का साहस पंचायत प्रतिनिधित तक नहीं जुटा पा रहे हैं, राजनीतिक संरक्षण, मुनाफे में हिस्सेदारी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ही रेत तस्कर बेलगाम हैं।
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि रेत का अवैध कारोबार अब गैंगवार, चाकूबाजी, गोलीबारी के खूनी खेल तक पहुंच गया है। रेत की काली कमाई में एकाधिकार के लिए ही विगत दिनों कोरिया जिले के एक भाजपा नेता के दूसरे भाजपा नेता और उनके साथियों को फॉर्चूनर गाड़ी में बंद करके जिंदा जला दिया। उससे पहले जांजगीर चांपा के जैजेपुर में घर घर में घुसकर दो भाइयों को गोली मार दी गई। रेत तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि खनिज विभाग के अधिकारीयों, पुलिस और प्रशासन को भी खुले तौर पर चुनौती दे रहे हैं। बलरामपुर में रेत माफियाओं ने पुलिस कांस्टेबल को ट्रैक्टर से कुचल कर मार दिया। गरीयाबंद और बलौदाबाजार में खनिज इंस्पेक्टर और माइनिंग अधिकारियों को पीटा गया, बस्तर से हो रहे रेत के अंतर्राज्यीय तस्करी पर खबर चलाने वाले चार पत्रकारों के गाड़ी में गांजा रखवाकर झूठे केस में फंसा दिया गया। कहीं किसी की हत्या हो रही है तो कहीं इनके गुर्गे खुलेआम धमका रहे हैं, बिना सत्ता के प्रश्रय के यह संभव नहीं है।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, कहा—अपराध रोकने में पुलिस और सरकार नाकाम

    रायपुर/शौर्यपथ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और हत्या, बलात्कार, गोलीबारी, लूट, चाकूबाजी तथा गैंगवार की घटनाओं से आम जनता में भय का माहौल है।

    बैज ने कहा कि राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने रायपुर में महिला की हत्या के बाद शव के साथ दुष्कर्म, महिला से गैंगरेप, राजनांदगांव के चिखली में घर में घुसकर हत्या, सक्ती में युवती को गोली मारने, जैजेपुर में दो भाइयों की हत्या तथा पेंड्रा-गौरेला क्षेत्र में सराफा कारोबारी की गोली मारकर हत्या जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से कानून व्यवस्था पर जवाब मांगा।

    “राजधानी की कमिश्नरी व्यवस्था भी विफल”

    दीपक बैज ने कहा कि रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। राजधानी के गंज क्षेत्र में चाकूबाजी और हत्या, देवभोग में परिवार पर धारदार हथियार से हमला तथा अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त होता दिखाई दे रहा है।

    उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में प्रतिदिन 6 हत्या और 8 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। हालांकि ये आंकड़े कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा लगाए गए दावे हैं।

    गोलीकांड और गैंगवार पर सरकार को घेरा

    बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में एक दर्जन से अधिक लोगों की गोली मारकर हत्या हो चुकी है। उन्होंने रायपुर सहित बिलासपुर, पेंड्रा-गौरेला, दुर्ग, मस्तूरी, जांजगीर-चांपा, जशपुर और कवर्धा में गोलीबारी की घटनाओं का हवाला दिया।

    उन्होंने रायपुर के हीरापुर में बम हमले, बिरगांव में कथित बम निर्माण और तेलीबांधा-श्याम नगर क्षेत्र में गैंगवार का उल्लेख करते हुए कहा कि दिनदहाड़े चाकूबाजी, गोलीबारी और गैंगवार की घटनाएं चिंता का विषय हैं।

    सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन भी चिंता का विषय

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बदमाश सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रही है। बैज ने सरकार से अपराधियों पर कठोर कार्रवाई कर आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने की मांग की।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस और प्रशासन का राजनीतिक उपयोग कर रही है तथा विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करने के बजाय अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

    बैज ने कहा कि लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं गंभीर चेतावनी हैं। सरकार को कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति स्वीकार कर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

    धमतरी/कुरुद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के कुरुद से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। वायरल वीडियो को 15 अगस्त 2026 का बताकर यह दावा किया गया कि विधायक ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के स्थान पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा फहराया। हालांकि, विधायक अजय चंद्राकर ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।

    चंद्राकर के अनुसार, सोशल मीडिया और कुछ मीडिया माध्यमों में प्रसारित किया जा रहा वीडियो 15 अगस्त 2026 का नहीं, बल्कि पुराना वीडियो है। उनके मुताबिक यह वीडियो कुरुद में आयोजित भाजपा के एक कार्यक्रम का है, जिसे कथित तौर पर गलत संदर्भ के साथ स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर प्रसारित किया गया। उपलब्ध दावे के अनुसार वीडियो 22 मार्च 2026 को आयोजित भाजपा प्रशिक्षण शिविर से संबंधित बताया जा रहा है।

    ‘पुराने वीडियो को 15 अगस्त से जोड़कर छवि खराब करने की कोशिश’

    विधायक अजय चंद्राकर ने वायरल वीडियो को लेकर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक विरोधियों और विघ्नसंतोषी तत्वों द्वारा पुराने वीडियो को नए संदर्भ में प्रसारित कर उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से मीडिया संस्थानों से अपील की कि किसी भी संवेदनशील वीडियो अथवा राजनीतिक सामग्री को प्रसारित करने से पहले उसकी तथ्यात्मक पुष्टि और फैक्ट चेक अवश्य किया जाए।

    चंद्राकर ने यह भी आरोप लगाया कि एक निजी न्यूज चैनल द्वारा पुराने वीडियो को 15 अगस्त के घटनाक्रम के रूप में प्रसारित किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि जांच में वीडियो को जानबूझकर गलत संदर्भ में प्रसारित करना पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

    15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर विधायक का पक्ष

    विधायक के पक्ष के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को धमतरी जिले में आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में अजय चंद्राकर ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा ही फहराया था। इसी आधार पर भाजपा की ओर से वायरल वीडियो के दावे को भ्रामक बताया जा रहा है।

    मामले का मूल विवाद यही है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पुराने वीडियो को कथित तौर पर 15 अगस्त 2026 के कार्यक्रम से जोड़कर पेश किया गया, जबकि विधायक पक्ष का कहना है कि वीडियो की वास्तविक तारीख और कार्यक्रम की पृष्ठभूमि अलग है।

    भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश, पुलिस से कार्रवाई की मांग

    वायरल वीडियो को लेकर धमतरी और कुरुद क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी सामने आई। भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत और कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व से जुड़े किसी वीडियो को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर राजनीतिक विवाद पैदा करना गंभीर विषय है।

    धमतरी के महापौर रामू रोहरा सहित भाजपा पदाधिकारियों की ओर से पुलिस के समक्ष शिकायत किए जाने और वीडियो को गलत संदर्भ में प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई है। भाजपा नेताओं ने संबंधित राजनीतिक एवं सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की मांग की है।

    कांग्रेस नेताओं पर भी लगाए आरोप

    विवाद के राजनीतिक रूप लेने के बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के कुछ नेताओं और सोशल मीडिया पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत सहित संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत और कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही है।

    हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अथवा जानबूझकर फर्जी सामग्री फैलाने का आरोप पुलिस जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही तय हो सकता है। इसलिए आरोपों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि संबंधित पक्षों के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

    फैक्ट चेक के बाद ही तय होगा सच

    अजय चंद्राकर से जुड़े वायरल वीडियो का विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि राजनीतिक और राष्ट्रीय महत्व के अवसरों से संबंधित वीडियो को बिना तारीख, स्थान और मूल स्रोत की पुष्टि किए प्रसारित करने से किस तरह भ्रम पैदा हो सकता है।

    इस पूरे मामले में वीडियो का मूल स्रोत, शूटिंग की तारीख, कार्यक्रम का स्थान, वीडियो का पूरा/ओरिजिनल संस्करण और उसके डिजिटल मेटाडेटा महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। पुलिस अथवा स्वतंत्र फैक्ट-चेक एजेंसी द्वारा इन तथ्यों की पुष्टि किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट रूप से तय किया जा सकेगा कि वीडियो वास्तव में कब और किस कार्यक्रम का है तथा उसे 15 अगस्त 2026 से जोड़कर किसने और किस उद्देश्य से प्रसारित किया।

    फिलहाल अजय चंद्राकर का स्पष्ट दावा है कि 15 अगस्त 2026 को भाजपा का झंडा फहराने संबंधी वायरल वीडियो फर्जी संदर्भ में प्रसारित किया गया है और पुराने वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया है।

    “शांति का टापू” से अपराध और नशे के गढ़ तक पहुंचा छत्तीसगढ़ : राहुल शर्मा

    दुर्ग / शौर्यपथ। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के महामंत्री राहुल शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और नशे के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कभी छत्तीसगढ़ की पहचान “शांति का टापू” के रूप में होती थी, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश अपराध, नशे और माफियाराज की गिरफ्त में पहुंच गया है।

    राहुल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हरेली, तीजा, दीपावली, दशहरा सहित सभी त्योहार लोग प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाते थे। महिलाएं रात के समय भी स्वयं को सुरक्षित महसूस करती थीं। लेकिन आज परिस्थितियां बदल गई हैं। त्योहारों के दौरान भी चोरी, गुंडागर्दी, नशे में मारपीट और आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास 200 से 300 मीटर के दायरे में ड्रग्स, गांजा, स्मैक और अवैध शराब आसानी से उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस की नाक के नीचे नशे के अड्डे संचालित होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इसका सबसे गंभीर असर प्रदेश के युवाओं पर पड़ रहा है। हजारों युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।

    कांग्रेस नेता ने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि व्यापारी, किसान और आम नागरिक सहित कोई भी वर्ग स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।

    राहुल शर्मा ने प्रदेश के गृहमंत्री से सवाल करते हुए कहा, “नशा माफिया को किसका संरक्षण प्राप्त है? सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय इसे बदहाल क्यों होने दिया गया?” उन्होंने कहा कि सरकार को केवल दावे करने के बजाय नशे के नेटवर्क और उसके पीछे सक्रिय लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

    उन्होंने सरकार से मांग की कि नशा माफिया और उनके संरक्षणदाताओं के खिलाफ NSA/रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की जाए, ताकि नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई की जा सके।

    राहुल शर्मा ने त्योहारों के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को गंभीरता से कदम उठाकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करना होगा।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सरकार अपराध और नशे के खिलाफ ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई करे, ताकि छत्तीसगढ़ की पुरानी पहचान “शांति का टापू” के रूप में फिर से स्थापित हो सके।

       धमतरी / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी संगठन द्वारा जारी नई नियुक्तियों में राजेशनाथ गोसाई को भारतीय जनता पार्टी, मंडल नगरी का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से मंडल नगरी सहित क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है। कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त एवं गतिशील बनेगा।
    मंडल अध्यक्ष नियुक्त होने पर राजेशनाथ गोसाई ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समस्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश नेतृत्व, प्रदेश अध्यक्ष एवं समस्त प्रदेश पदाधिकारियों, जिला नेतृत्व एवं समस्त कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने एक सामान्य कार्यकर्ता पर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह उनके लिए गौरव के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
    उन्होंने कहा कि वे पार्टी की विचारधारा, सिद्धांतों एवं संगठन की रीति-नीति के अनुरूप पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे तथा मंडल नगरी में संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
    श्री गोसाई ने मंडल नगरी सहित समस्त वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं सभी कार्यकर्ताओं के स्नेह, विश्वास, शुभकामनाओं एवं सहयोग के लिए भी हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक सहयोग और मार्गदर्शन से संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने एवं जनसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का सतत प्रयास किया जाएगा।

       धमतरी / शौर्यपथ / सिहावा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव ने मध्य प्रदेश एवं बिहार के उपचुनाव परिणामों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि इन चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलता है कि भाजपा के प्रति जनता का विश्वास धीरे-धीरे कम हो रहा है।
    उन्होंने मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत का स्वागत करते हुए कहा कि जनता ने लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास व्यक्त करते हुए कांग्रेस के पक्ष में जनादेश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को राजनीतिक साजिश के तहत हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन उपचुनाव के परिणाम भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित हुए।
    पूर्व विधायक ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने भाजपा प्रत्याशी को 18,953 मतों के अंतर से पराजित किया, जिससे भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ है।
    लक्ष्मी ध्रुव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने चुनावी वादों को प्रभावी ढंग से पूरा नहीं किया तथा सरकार के कार्यों में जनहित की अपेक्षा तानाशाही और दबाव की राजनीति अधिक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जनता अब इन बातों को समझ चुकी है और आने वाले समय में कांग्रेस को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।
    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में कांग्रेस दिल्ली, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में भी मजबूत वापसी करेगी।

    नई दिल्ली/भोपाल। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार पूर्व गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी श्री घनश्याम सिंह को बढ़त/जीत मिली है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इन दोनों परिणामों के बाद राजनीतिक हलकों में पार्टी के भीतर जवाबदेही और अनुशासन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि चुनावी प्रदर्शन के आधार पर किसी नेता की जवाबदेही तय की जाती है, तो समान परिस्थितियों में सभी नेताओं के लिए एक समान मानदंड अपनाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर भी यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि किसी एक नेता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात होती है, तो समान परिस्थितियों वाले अन्य नेताओं पर भी वही कसौटी लागू होनी चाहिए। हालांकि, भाजपा की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान या अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।

    राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनावी परिणामों के बाद पार्टी संगठन आमतौर पर विस्तृत समीक्षा करता है और स्थानीय परिस्थितियों, संगठनात्मक मजबूती तथा अन्य कारकों का भी आकलन किया जाता है। ऐसे में अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। फिलहाल, दतिया और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी परिणाम भाजपा के भीतर राजनीतिक विमर्श का महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।

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